क्रिकेटर गौतम गंभीर देश और राजनीति के गंभीर मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं. शहीदों का अपमान हो या चाहे देश की किसी बेटी के साथ दुर्व्यवहार की खबर, हर ऐसी बात पर गंभीर ट्वीट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया देते आए हैं. इसी कड़ी में उन्होंने आज मंदिर-मस्जिद की राजनीति पर निशाना साधते हुए एक ट्वीट किया है.

गंभीर ने ट्वीट के जरिए देश में व्याप्त समस्याओं की ओर प्रमुख सियासी दलों को ध्यान खींचा है. उन्होंने इस ट्वीट पर बेराजगारी, किसानों की खुदकुशी, सांप्रदायिकता, भुखमरी, जैसे ज्वलंत मुद्दों को उठाया है. साथ ही धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले के खिलाफ आवाज बुलंद की है. साथ ही उन्होंने ट्वीट के साथ कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी को टैग भी किया है.

आज तड़के एक किसान के घर से ख़ुदकुशी को निकलते देखा।मैं संभला ही था के सांप्रदायिकता ने एक ज़ोर का धक्का मारा।मैं उठा तो पाया के भूख, अपराध, डेंगू, बेरोज़गारी मुझे घेरे खड़े हैं।मैं बोला “तुम सब कब आए?” वो बोले “जब तुम मंदिर-मस्जिद कर रहे थे।” @AamAadmiParty @BJP4India @INCIndia

— Gautam Gambhir (@GautamGambhir) October 9, 2018

गौतम गंभीर को लगातार ऐसे ही मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए देखा गया है. किन्‍नर समाज के प्रति अपना समर्थन जताने के लिए वह पिछले दिनों अपने माथे पर बिंदी लगाए और दुपट्टा ओढ़े हुए नजर आए थे. इसके अलावा गंभीर ने रक्षाबंधन पर भी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं, जिसमें वो ट्रांसजेंडर से राखी बंधवाते नजर आए थे.

टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रहे गंभीर भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर चल रहे हैं. उन्होंने आईपीएल 2018 में कोलकाता नाइट राइडर्स फ्रेंचाइजी से भी खुद को अलग कर लिया. इसके बाद आईपीएल-11 में खराब प्रदर्शन के बाद अनुभवी गंभीर ने तत्काल प्रभाव से दिल्ली डेयरडेविल्स की कप्तानी छोड़ दी थी.

बता दें कि गौतम गंभीर अपने फाउंडेशन के जरिए सामाजिक कार्यों में काफी आगे रहे हैं. उन्होंने छत्तीसगढ़ में पिछले साल अप्रैल में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए 25 जवानों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने की घोषणा की थी. सितंबर 2017 में जम्‍मू-कश्‍मीर के शहीद पुलिस ऑफिसर अब्‍दुल राशिद की बेटी को पूरी जिंदगी शिक्षा मुहैया कराने में मदद करने की भी वह घोषणा कर चुके हैं.