अहमदाबाद: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि ‘फर्जी आर्थिक आकंड़ों’ के जरिए देश को ‘गुमराह’ किया जा रहा है और इसी की वजह से रुपया कोमा में चला गया है. उन्होंने डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बीजेपी सरकार में आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों को जोरदार चुनौती दी.

इस पूर्व बीजेपी नेता ने कहा कि निवेशकों ने लाखों करोड़ रुपये (बाजार से) निकाल लिये हैं, जो चिंता की बात है. सिन्हा ने कहा, “साल 2013 में जब रुपये में गिरावट आयी थी तो वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुटकी ली थी कि रुपया आईसीयू में चला गया है. आज वो डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य के 75 के करीब पहुंच जाने के बाद भी एक शब्द नहीं बोल रहे हैं.”

ये बातें उन्होंने इस साल की शुरुआत में बनाए गए राष्ट्रीय मंच के एक कार्यक्रम में कहीं. इस दौरान उनके सााथ बीजेपी के विद्रोही नेता शत्रुघ्न सिन्हा, समाजवादी पार्टी नेता धनश्याम तिवारी, गुजरात के पूर्व सीएम सुरेश चंद्र मेहता और मंत्री प्रवीण जडेजा मौजूद थे.

सिन्हा ने इस दौरान ये भी कहा कि अभी के हालात ऐसे हैं कि एक कोई नागरिक सरकार के खिलाफ अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर सकता है. अगर कोई ऐसा करता है तो उसे एंटी नेशनल करार दे दिया जाता है. उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र की मौलिकता के खिलाफ है.