नई दिल्ली : ‘पोषण अभियान’ पर जोर देते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर संपर्क और सहयोग से भारत को कुपोषण मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. कुमार ने कहा कि विभिन्न मंत्रालयों के परस्पर संपर्क और सहयोग से ही पिछले महीने 25 करोड़ लोगों तक पहुंचा जा सका जिन्होंने जमीनी स्तर पर लाभार्थियों को जोड़ा।

‘पोषण माह’ के समापन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम से इतर कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘ पोषण अभियान को किसी भी अन्य चीज की तुलना में ज्यादा प्राथमिकता देनी चाहिए। मेरे ख्याल से, इसे प्राथमिकता दिए बिना कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता है। सबको पोषाहार देना एक बड़ी चुनौती है।’’

सरकार ने कुपोषण के खिलाफ लड़ाई के लिए हर सितंबर में राष्ट्रीय पोषण माह मनाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर संपर्क और सहयोग से भारत को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। लोगों को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि पोषण अभियान का जन आंदोलन बनना ही इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम पिछले 70 सालों से इस बारे में बात कर रहे हैं। हम अपना लक्ष्य हासिल करने में कामयाब नहीं हुए क्योंकि इसे एक परस्पर संपर्क और सहयोग कार्यक्रम के तौर पर नहीं किया गया था।’’ पोषण अभियान का लक्ष्य 2022 तक 0-6 साल की उम्र के बच्चों में शारीरिक विकास अवरुद्ध होने के प्रतिशत को 38.4 प्रतिशत से कम करके 25 फीसदी पर लाना है।