हैदराबाद : केन्द्र सरकार ने कर्ज के बोझ से दबी एयर इंडिया को ‘‘जरूरत के हिसाब ’’ से समर्थन का आश्वासन देते हुये बुधवार को कहा कि विमानन कंपनी के पुनरूद्धार पैकेज को एक माह में अंतिम रूप दिये जाने की उम्मीद है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।

नागरिक उड्डयन सचिव आर एन चौबे ने इसके साथ ही यह जानकारी भी दी है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने घरेलू एयरलाइन कंपनियों में सुरक्षा आडिट को लेकर जो भी आदेश दिये हैं एयर इंडिया में इसके अनुपालन में कोई लंबित मामला नहीं दिखाई देता है।

चौबे ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘एयर इंडिया को जब भी किसी वित्तीय समर्थन की जरूरत होगी, उसकी जांच परख की जायेगी और जरूरत के मुताबिक यह समर्थन उपलब्ध कराया जायेगा। मैं यह कह सकता हूं कि कंपनी को हर संभव समर्थन उपलब्ध कराया जायेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एयर इंडिया की प्रतिस्पर्धात्मकता और क्षमता से किसी तरह का कोई समझौता नहीं होगा। हमने पैकेज को करीब करीब अंतिम रूप दे दिया है। एयर इंडिया को किसी तरह की समस्या नहीं होने दी जायेगी। बेशक, यह इसी महीने हो सकता है।’’

चौबे उनसे एयर इंडिया के पुनरूद्धार के बारे में पूछे गये सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया का विनिवेश तभी हो सकता है जब वृहद आर्थिक परिस्थिति और बाजार की स्थिति अनुकूल होगी। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि एयरलाइन अपनी क्षमता और परिचालन योग्यता को बेहतर बनायेगी।

अधिकारी ने कहा कि ईंधन के बढ़ते दाम और डालर के मुकाबले गिरते रुपये से पिछली दो तिमाहियों में उद्योग के मुनाफे पर असर पड़ा है। इसे देखते हुये मंत्रालय पूरे विमानन क्षेत्र को समर्थन देने के लिये विभिन्न उपायों पर अलग से विचार कर रहा है। ‘‘हम विमानन क्षेत्र की लागत में कमी लाना चाहते हैं और इसी दिशा में कुछ देना चाहते हैं।’’