गुजरात में उत्तर भारतीयों से साथ हो रही हिंसा और पलायन पर चुप्पी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधा है. पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस का मंत्र 'बांटो और राज करो' है जबकि बीजेपी 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ काम करती है.

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी बीजेपी के 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' अभियान के तहत रायपुर, मैसूर, धौलपुर, दमोह और आगरा के बीजेपी बूथ कार्यकर्ताओं को नमो ऐप के जरिए  संबोधित कर रहे थे. इसमें संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आज तक बांटो और राज करो पर अमल किया है. छोटी-छोटी बातों पर लोगों को भड़का कर उल्लू सीधा करने का काम किया है.

प्रधानमंत्री ने कहा हम सुख बांटने वाले हैं, वो समाज बांटने वाले हैं. हमें सुख बांटकर हर किसी की जिंदगी में सुख लाने का प्रयास करना है. उनका काम समाज को बांटकर खुद के परिवार का भला करने का है. पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम ही है तोड़ो, बांटो और एक दूसरे से लड़ाओ.

बता दें कि गुजरात में एक 14 महीने की बच्ची के साथ रेप की घटना के बाद उत्तर भारतीयों के खिलाफ हिंसा भड़क गई. जिसके बाद यूपी और बिहार के लोगों का पलायन शुरू हो गया. इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 'गुजराती नरेंद्र मोदी बनारस छोड़ो' के पोस्टर भी लगे थें.

3 new States were formed in a harmonious manner during Atal Ji’s tenure. But the manner in which Congress divided Andhra Pradesh & Telangana has led to enmity & mistrust amongst the people of both States despite the fact that they speak the same language:PM #MeraBoothSabseMajboot pic.twitter.com/vMQKx0XEFW

— BJP (@BJP4India) October 10, 2018

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बीएसपी सुप्रीमो मायावती का बिना नाम लिए निशाना साधा. पीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा, 'पिछले दिनों गठबंधन की एक नेता का बयान आपने सुना होगा. उन्होंने यहां तक कहा कि केंद्र में एक मजबूत नहीं, मजबूर सरकार की जरूरत है. आप समझ सकते हैं कि आखिर ये मजबूर सरकार की क्यों अपेक्षा रखते हैं.'

बता दें कि बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने जुलाई में अपने एक बयान में कहा था, 'बीएसपी के जन्मदाता और संस्थापक कांशीराम की ये राजनीतिक आवाज आज सटीक बैठती है कि वर्तमान हालात में मजबूत नहीं मजबूर सरकार की जरूरत है. मतलब केंद्र में ऐसी ही गठबंधन की सरकार होनी चाहिए ताकि उस पर देशहित में काम करने की तलवार लटकी रहे और सरकार तानाशाही का वैसा व्यवहार नहीं कर सके जैसा आजकल बीजेपी के काल में दिख रहा है.'

बीजेपी के खिलाफ बन रहे महागठबंधन पर पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा, 'गठबंधन की चिंता आप छोड़ दीजिए. ये मजबूरी से इकट्ठे हुए लोग हैं, जो जमानत पर हैं. वो लोग खुद को बचाने का रास्ता ढूंढ रहे हैं. ये जनता की भलाई के लिए इकट्ठे नहीं हुए हैं, इनका एक ही मकसद है मोदी हटाओ.'

पीएम ने बूथ कार्यकर्ताओं को 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' का मंत्र देते हुए कहा कि चुनाव जीतना हमारे लिए किसी को परास्त करने का अहंकार नहीं है, हमारे लिए ये सेवा करने का एक अवसर है.