नई दिल्ली : साउथ दिल्ली में बुधवार (10 अक्टूबर) को हुए ट्रिपल मर्डर केस की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. दअरसल, बुधवार को जैसे ही पुलिस को जानकारी मिली की वसंत कुंज के किशनगढ़ इलाके में एक घर में कुछ लुटेरे घुस आए हैं और उन्होंने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की हत्या कर दी है तो अधिकारी मौके पर पहुंचे. अपराध की जानकारी मिलने के कुछ वक्त बाद ही पुलिस को पता चला कि परिवार के तीन सदस्यों का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि बेटा सूरज ही था.

पुलिस के मुताबिक, पिछले काफी वक्त से सूरज परिवार की ओर से लगाई गई पाबंदियों और पढ़ाई को लेकर नाराज था. परिवार से नाराजगी के कारण ही सूरज ने बुधवार को पहले पिता, फि मां और फिर बहन को मौत के घाट उतार दिया. सुबह के साढ़े पांच बजे थे जब पुलिस को पहली कॉल मिली, कि यहां पर मिथिलेश कुमार के घर में लुटेरे घुस आए हैं. ये सूचना मिलते पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, वहां पहुंच कर पुलिस ने देखा कि मिथिलेश कुमार, उनकी पत्नी सिया और बेटी नेहा की लाश पड़ी हुई है.

इसके बाद पुलिस ने केस की जांच शुरु की. जांच में 19 साल के सूरज ने पुलिस को बताया कि उसके घर में दो लोग लूट के इरादे से घुस आए थे और उन लोगों सबकी हत्या की और जब तक वह कुछ कर पाते आरोपी भाग निकले. पुलिस को एक बात मौके पर तुरंत समझ आ गई कि ना तो कोई घर के अंदर आया और ना ही कोई बाहर गया. घर को कोई भी कीमती सामान घर से गायब नहीं था. इसके बाद पुलिस के शक के घेरे में सूरज आ गया था. पुलिस ने सूरज से ही पूछताछ शुरु की, शुरआत में सूरज पुलिस को बरगलाता रहा लेकिन जब उसका सामना उस दुकानदार से करवाया जहां से उसने चाकू और कैंची खरीदी थी तो दुकानदार को सामने देख सूरज पुलिस के आगे टूट गया और उसने पुलिस को सब कुछ सच बता दिया.

पुलिस के मुताबिक, 9 अक्टूबर मंगलवार की शाम 6 बजे सूरज ने 2 सौ रुपयों में एक बड़ा चाकू और कैंची खरीदी थी. इसके बाद सूरज ने पूरे घरवालों के सो जाने का इंतज़ार किया. फिर तीन बजे सूरज ने सबसे पहले अपने पिता पर हमला किया और उन पर चाकू से पांच वार किए, इसके बाध उसने साथ में सो रही अपनी मां पर एक वार चाकू का किया ही था कि बहन की आवाज आ गई तो सूरज अपनी मां को घायल छोड़ बहन को मारने चला गया, वहां उसने अपनी बहन का गला रेज दिया और इसके बाद भी चाकू से कई वार किए, उसी जगह अपनी बेटी को बचाने पहुंची मां पर उसने चाकू से कई वार किए फिर बाथरूम में जाकर चाकू साफ किया और बेड के नीचे फेंक दिया. इसके बाद सूरज ने घर का सामान बिखेरा फिर साढ़े पांच बजे करीब उसने शोर मचा कर पड़ोसियों को बताया.

ट्रिपल मर्डर की जांच करते हुए पुलिस ने सूरज को ही गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में सूरज ने बताया कि उस पर हमेशा नजर रखी जाता थी उसे घर से बाहर नहीं जाने दिया था. उसके दोस्त घर नहीं आ सकते थे, यहां तक की पिछले 15 अगस्त को जब सूरज ने पतंग उड़ाई थी तो उसकी जमकर पिटाई की गई थी. दरअसल सूरज दो साल पहले बारहवीं में फेल हो गया था, जब से परिवार के लोग उस पर सख्ती करने लगे थे. इसके बाद एक बार सूरज घर से भाग गया था, बाद में उसने खुद ही अपने घर फोन करके अपनी किडनैपिंग की झूठी कहानी बना कर फिरौती वसूलने की कोशिश की थी, इसके बाद घरवाले सूरज को घर से बाहर नहीं निकलने देते थे.

सूरज का एक वाट्सएप्प ग्रुप था जिस पर ये घूमने जाना, डिस्को और दूसरी चीजों पर सक्रिय रहते थे. ये भी जानकारी का पता लगाया जा रहा है कि इन लड़कों ने एक कमरा भी महरौली इलाके में किराए पर लिया था जहां ये लोग मौजमस्ती किया करते थे. सूरज को हुक्का पीने का भी शौक था. सूरज फिलहाल गुड़गांव के एक इंस्टीट्यूट से डिप्लोमा कर रहा था. पुलिस का कहना है कि उनके पास सूरज के खिलाफ कई पुक्ता सबूत हैं उनमें चाकू बहुत महत्वपूर्ण है, साथ में घर की दिवारों से मिले खून के निशान और सूरज के कपड़ों से मिले खून के निशान भी अहम सुराग है घर से किसी बाहरी के फिंगर प्रिंट भी नहीं मिले हैं. पुलिस ने अपने परिवार के तीन लोगों की हत्या के आरोप में सूरज को गिरफ्तार कर लिया है.