डिंडौरी : सत्ता का सुख पाने के लिए राजनैतिक पार्टियां आए दिन तरह-तरह के हथकंडे अपनाती है. कभी जाति के नाम पर तो कभी धर्म के नाम पर. कुछ इसी तरह से प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने भी यात्रा शुरू की है जिसका नाम है राम वन गमन पथ यात्रा, लेकिन मंगलवार की रात कांग्रेस की इस यात्रा को डिंडौरी में रोक लिया गया और रथ को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया गया. वहीं एसडीएम के यात्रा पर रोक लगाने से भड़के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस थाने के सामने विरोध करना शुरू कर दिया. कांग्रेस का आरोप है कि एसडीएम ने यह कार्यवाई भाजपा के दबाव में आकर की है.

दरअसल, शहपुरा एस डी एम अमित कुमार बम्हरोलिया ने इसे आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए यात्रा के संगरक्षक और कांग्रेस के उपभोक्ता संगरक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष हरिशंकर शुक्ला पर मामला दर्ज कर रथ को जब्त कर शहपुरा थाने के सुपुर्द कर दिया है. एस डी एम अमित कुमार बम्हरोलिया का कहना है कि उन्हे यह भाजपा के जिला उपाध्यक्ष टेकेश्वर साहू से लिखित शिकायत मिली थी. जिसमें यात्रा के प्रभारी हरिशंकर के द्वारा धार्मिक भावनाओं के नाम पर चुनाव प्रचार-प्रसार की बात कही गई है.

बता दें आचार संहिता लगने के बाद किसी भी तरह के राजनैतिक प्रचार-प्रसार पर पाबंदी होती है. ऐसे में अगर कोई भी पार्टी आचार संहिता का उल्लंघन करती है तो यह धारा 144 का वायलेशन माना जाएगा. ऐसे में कांग्रेस के यात्रा प्रभारी पर IPC के सेक्शन 188 भी लगाई गई है. वहीं एसडीएम द्वारा यात्रा रथ को रोकने पर कांग्रेस के मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा और उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने प्रेस वार्ता कर भाजपा पर आरोप लगाते हुए इसे भाजपा की साजिश बताया है.

वहीं जब यात्रा प्रभारी हरिशंकर शुक्ल से इस विषय पर पूछा गया तो उन्होंने जो भी कहा उससे यह साफ हो गया कि यात्रा चुनावी प्रचार-प्रसार का एक हथकंडा थी. अपने बयान में उन्होंने कहा कि 'धर्म के प्रति लोगों का रुझान बढ़े, इसीलिए हमने यह यात्रा शुरू की थी. भारतीय जनता पार्टी ने जो घोषणाएं थीं कि हम राम पथ बनायेंगे वह सब झूठी थीं. सच तो यह है कि भाजपा इस कार्य के नाम पर 67 करोड़ रुपये खा गई और ठेकेदार को ठेका लीज पर दे दिया बॉक्साइड का. इस यात्रा के जरिए हम जनता से यह कहना चाहते थे कि भारतीय जनता पार्टी को वोट न दे और अच्छी सरकार बनाएं.'