नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में गुरुवार को सुरक्षाबलों ने एक बड़े ऑपरेशन में दो आतंकियों को मार गिराने में सफलता हासिल की है. इन दोनों में से एक आतंकी की पहचान हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर मन्नान वानी के तौर पर हुई है. आपको यह भी बता दें कि मन्नान वानी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) का पूर्व स्टूडेंट था. बताया जा रहा है कि मन्नान इसी साल एएमयू से लापता हुआ था. हालांकि बाद में खबर आई थी कि वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन में शामिल हो गया था. सोशल मीडिया पर घातक हथियारों के साथ उसकी तस्वीर वायरल होने के बाद एएमयू ने मन्नान वानी को निष्कासित कर दिया था.

मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों पर हुई पत्थरबाजी
कुपवाड़ा में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान एक बार फिर भारतीय जवानों को पत्थरबाजी झेलनी पड़ी. प्राप्त जानकारी के अनुसार वहां करीब 500 अलगाववादी इकट्ठा हो गए थे और वहां सेना के विरोध करते हुए उन लोगों ने भारी पत्थरबाजी भी की. मन्नान वानी के मारे जाने के बाद उसकी मौत पर राजनीति भी शुरू हो चुकी है. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर इस बारे में टिप्पणी की है. यहां आपको बता दें कि वह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के ताकिपोरा गांव का रहने वाला था.

Today a PhD scholar chose death over life & was killed in an encounter. His death is entirely our loss as we are losing young educated boys everyday. 1/2

— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) October 11, 2018

महबूबा ने ट्विटर पर जाहिर किया अपना दुख
अपने ट्वीट में महबूबा मुफ्ती ने लिखा है, "आज एक पीएचडी स्कॉलर ने जिंदगी की जगह मौत को चुना और एक मुठभेड़ में मारा गया. उसकी मौत पूरी तरह से हमारा नुकसान है क्योंकि हम हर दिन जवान पढ़े-लिखे लड़कों को खो रहे हैं."

It is high time that all the political parties in the country realise the gravity of this situation and try to facilitate a solution through dialogue with all the stake holders including Pakistan to end this bloodshed. 2/2

— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) October 11, 2018

महबूबा ने राजनीति पार्टियों की दी यह सलाह
महबूबा ने अपने अगले ट्वीट में लिखा है, "यह उचित समय है कि देश की सभी राजनीतिक पार्टियां इस समस्या की गंभीरता को समझें और इस रक्तपात को खत्म करने के लिए पाकिस्तान सहित सभी हितधारकों के साथ बातचीत के माध्यम से एक समाधान निकालने का प्रयास करें."