प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि 21वीं सदी का भारत बदल चुका है। 120 करोड़ भारतीयों के पास डिजिटल पहचान है। चौथी औद्योगिक क्रांति में भारत का योगदान पूरे विश्व को चौंकाने वाला होगा। पीएम मोदी ने चौथी औद्योगिक क्रांति केंद्र की शुरुआत के मौके पर कहा कि पिछले 4-5 साल में हमारी सरकार ने चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए भारत को तैयार करने में  महत्वपूर्ण पहल की है।

मोदी ने कहा कि देश के ग्रामीण इलाकों में सरकार 32 हजार से ज्यादा वाईफाई और हॉटस्पॉट मुहैया कराने का काम कर रही है। डिजिटल इंडिया ने पिछले चार सालों में भारतीय नागरिकों के जीने का तरीका बदल दिया। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा डाटा भारत में खपत हो रहा है और सबसे सस्ता डाटा भी यहीं है। आज भारत दुनिया के सबसे विशाल डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर वाले देशों में से एक है।

पीएम ने कहा कि जब पहली औद्योगिक क्रांति हुई, तो भारत गुलाम था। जब दूसरी औद्योगिक क्रांति हुई, तो भी भारत गुलाम था। जब तीसरी औद्योगिक क्रांति हुई तो भारत स्वतंत्रता के बाद मिली चुनौतियों से ही निपटने में संघर्ष कर रहा था। लेकिन अब 21वीं सदी का भारत बदल चुका है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश की 59 पंचायतें ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ी थीं, आज 1 लाख से ज्यादा पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंच चुका है।

मोदी ने कहा कि 2014 में देश में 83,000 CSC थे, आज 3 लाख CSC काम कर रहे हैं। देश के ग्रामीण इलाकों में सरकार 32,000 से ज्यादा WiFi और Hot Spots मुहैया कराने के लिए काम कर रही है। अलग-अलग technologies के बीच सामंजस्य-समन्वय Fourth Industrial Revolution का आधार बन रहा है। ऐसी परिस्थितियों में सैन फ्रांसिस्को, टोक्यो और बीजिंग के बाद अब भारत में इस महत्वपूर्ण सेंटर का खुलना भविष्य की असीम संभावनाओं के द्वार खोलता है।