नई दिल्लीः प्रवर्तन निदेशालय ने आज बताया कि उसने आईएनएक्स मीडिया से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की भारत, ब्रिटेन और स्पेन स्थित 54 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की है. कार्ति ने केन्द्रीय एजेंसी की इस कार्रवाई को ‘‘बेतुका और विचित्र’’ बताया है.

केन्द्रीय जांच एजेंसी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्ति की संपत्ति कुर्क करने के लिए एक अस्थाई आदेश जारी किया था. इस आदेश के तहत तमिलनाडु के कोडईकनाल और ऊटी में कृषि भूमि और एक बंगला कुर्क किया गया है. दिल्ली के जोरबाग स्थित 16 करोड़ रुपये मूल्य का एक फ्लैट भी कुर्क किया गया है जो कार्ति और उनकी मां नलिनी के नाम पर है. ईडी का कहना है कि इस संपत्ति में कार्ति की 50 फीसदी हिस्सेदारी है.

एजेंसी ने कहा कि उसी आदेश के तहत ईडी ने ब्रिटेन के समरसेट में एएससीपीएल के मालिकाना हक वाला 8.67 करोड़ रुपये मूल्य का कॉटेज और स्पेन के बार्सिलोना में करीब 14.57 रुपये मूल्य का टेनिस क्लब भी कुर्क किया है.

आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्ति ने ट्वीट किया, ‘‘अस्थाई कुर्की का यह बेतुका और विचित्र आदेश है जो कानूनी तथ्यों पर नहीं बल्कि अजीबो-गरीब अनुमानों पर आधारित है. इसका मकसद सिर्फ सुर्खियों में बने रहना है.’’ उन्होंने कहा कि यह आदेश न्यायिक समीक्षा, अपील के समक्ष नहीं टिकेगा और हम उचित कानूनी मंच पर चुनौती देंगे.

कार्ति के वकील द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि ईडी का आदेश 'एकतरफा और उन कंपनियों के कथित लेनदेन पर आधारित है जिनमें मेरे मुवक्किल कार्ति पी चिदंबरम न तो शेयरधारक हैं और न ही निदेशक.' इसमें कहा गया है कि उनके मुवक्किल कार्ति इस आदेश को चुनौती देंगे.

ईडी ने एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड (एएससीपीएल) के नाम पर चेन्नई के एक बैंक में 90 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट को भी कुर्क किया है. एजेंसी का कहना है कि संपत्तियां कार्ति और उनसे कथित रूप से जुड़ी कंपनी एडवांटेज स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर हैं. उन्होंने कहा कि कुर्क की गई संपत्तियों की कुल कीमत 54 करोड़ रुपये है.

एजेंसी का आरोप है कि अब तक की जांच से पता चलता है कि एफआईपीबी की मंजूरी के लिए, पीटर और इंद्राणी मुखर्जी ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात की थी ताकि उनके आवेदन में कोई देरी नहीं हो. पी चिदंबरम ने कहा था कि उनके बेटे के व्यापारिक हितों को ध्यान में रखा जाए. ईडी ने पहचान की कि पीटर मुखर्जी द्वारा 3.09 करोड़ रुपये का भुगतान एएससीपीएल और संबद्ध कंपनियों को डेबिट नोट के जरिए किया गया. एजेंसी ने कहा कि संबद्ध कंपनियों को मिली राशि एएससीपीएल को वापस भेज दी गयी थी.