ईरान में मसूद पेजेशकियान ने राष्ट्रपति चुनाव जीता, सईद जलीली को हराकर पाई बड़ी जीत

Jul 6, 2024 - 11:45
 0  24
ईरान में मसूद पेजेशकियान ने राष्ट्रपति चुनाव जीता, सईद जलीली को हराकर पाई बड़ी जीत

ईरान के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं, जिसमें सुधारवादी उम्मीदवार मसूद पेजेशकियान ने जीत हासिल की है। उन्होंने कट्टरपंथी उम्मीदवार सईद जलीली को पराजित किया। पेजेशकियान ने चुनाव प्रचार के दौरान ईरान को पश्चिमी देशों से जोड़ने का वादा किया था, जबकि ईरान दशकों से अमेरिकी नेतृत्व के साथ टकराव में है।

मतगणना और वोटों का अंतर

पेजेशकियान को चुनाव में 16.3 मिलियन वोट मिले, जबकि जलीली को 13.5 मिलियन वोट मिले। पेजेशकियान पेशे से एक हार्ट सर्जन हैं और लंबे समय से सांसद रहे हैं। उनकी जीत के बाद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और वे सड़कों पर उत्सव मनाने के लिए उतर आए।

कट्टरपंथी उम्मीदवार सईद जलीली की हार

सईद जलीली, जो ईरान के पूर्व परमाणु वार्ताकार और सुप्रीम लीडर के करीबी माने जाते हैं, को हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, पेजेशकियान ने यह स्पष्ट किया है कि उनके कार्यकाल में देश के शिया धर्मतंत्र में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उनका कहना है कि वे सुप्रीम लीडर के निर्देशों का पालन करेंगे, जिनकी बात को देश में आखिरी और निर्णायक माना जाता है।

सुप्रीम लीडर का प्रभाव और पेजेशकियान की चुनौतियाँ

ईरान में सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई का प्रभाव सभी मामलों में निर्णायक होता है। पेजेशकियान भी मानते हैं कि देश के सभी महत्वपूर्ण फैसले सुप्रीम लीडर की मंजूरी से ही लिए जाएंगे। हालांकि, वे पश्चिम के साथ बेहतर संबंध बनाने के पक्षधर हैं और उनका मानना है कि इन प्रतिबंधों से देश को बाहर निकालना आवश्यक है।

समय से पहले चुनाव और इब्राहिम रईसी की मौत

यह चुनाव समय से पहले कराए गए थे, क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत हो गई थी। नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में 50 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव किया जाना था। रईसी, सुप्रीम लीडर खामेनेई के सबसे करीबी और संभावित उत्तराधिकारी माने जाते थे।

विदेश नीति और पेजेशकियान की रणनीति

आयतुल्ला खामेनेई की विदेश नीति हमेशा से अमेरिकी नेतृत्व के खिलाफ रही है। पेजेशकियान के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगी, विशेष रूप से इजरायल-हमास संघर्ष, मिडिल ईस्ट के तनाव और लेबनान व यमन में हिज्बुल्ला-हूती जैसे मिलिशिया समूहों के साथ टकराव की स्थिति में।

पेजेशकियान की जीत और संभावित बदलाव

पेजेशकियान ने चुनाव में वादा किया है कि वे ईरान को दुनिया के लिए खोलने का प्रयास करेंगे, खासकर पश्चिमी देशों के साथ संबंधों को पुनर्स्थापित करने के दिशा में। इसके विपरीत, जलीली ने रूस और चीन के साथ संबंधों को बेहतर बताया था, जो खामेनेई की नीतियों के अनुकूल है।

न्यूक्लियर डील और सामाजिक बदलाव

पेजेशकियान के कार्यकाल के दौरान ईरान 2015 के न्यूक्लियर डील को अंतिम रूप दे सकता है, जिससे देश पर लगे कई प्रतिबंध हट सकते हैं। उनके कार्यकाल में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर कुछ बदलाव देखे जा सकते हैं, हालांकि हिजाब के मामले पर उनका रुख अभी स्पष्ट नहीं है।

पेजेशकियान की कार्यप्रणाली और जनता की उम्मीदें

वर्ल्ड मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की जनता पेजेशकियान को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है कि वे अपने चुनावी वादों को पूरा कर पाएंगे। पेजेशकियान ने अपने चुनावी अभियान के दौरान स्पष्ट किया था कि उनका इरादा मौलवियों और सुरक्षा बलों के पावर कॉरिडोर से टकराने का नहीं है।

इस प्रकार, पेजेशकियान की जीत के बाद ईरान की राजनीति में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण मामलों में सुप्रीम लीडर का प्रभाव बना रहेगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow