छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल: श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग

Jul 4, 2024 - 17:57
 0  31
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल: श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल के तहत, जुलाई से प्रदेश के निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग शुरू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत PCS, व्यापम और बैंकिंग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस विशेष योजना को प्रारंभ में प्रदेश के 10 जिलों में शुरू किया जाएगा।

श्रम मंत्री की घोषणा

छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के पंजीकृत हितग्राहियों के बच्चों के लिए है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा है कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए ठोस सुविधाएं प्रदान की जाएं, जिससे वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सफल हो सकें।

परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधा

इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिक और उनके बच्चों को लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल, कर्मचारी चयन आयोग, बैंकिंग, रेलवे, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 4 से 10 महीने तक की निःशुल्क कोचिंग सुविधा दी जाएगी। इच्छुक और पात्र हितग्राही स्वयं, च्वाइस सेंटर या श्रम कार्यालय के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

विशेष लाभ की व्यवस्था

अगर किसी हितग्राही की मृत्यु 9 जून 2020 से पहले हुई है, तो पुराने अधिसूचना के अनुसार उनके बच्चे भी इस योजना के लिए पात्र हैं। नवीन योजना मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से जुड़े हुए हितग्राही भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। यह कोचिंग सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रूपों में उपलब्ध होगी, ताकि विद्यार्थियों को उनकी सुविधा अनुसार विकल्प मिल सके। बहुत से छात्र समय या दूरी के कारण ऑफलाइन कोचिंग लेना पसंद करते हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है।

प्रारंभिक जिलों में योजना का शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय की यह निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी, राजनांदगांव, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर चांपा और महासमुंद जिलों में प्रारंभ की जाएगी। इस योजना के प्रति छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में अब तक कुल 50-50 चार बैच भरे जा चुके हैं। अन्य जिलों से प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर बैच बनाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

इस पहल से श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक नई दिशा मिलेगी और वे अपने भविष्य को संवार सकेंगे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow