राहुल गांधी के हिंदू बयान पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन

Jul 8, 2024 - 17:43
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राहुल गांधी के हिंदू बयान पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के संसद में दिए गए हिंदू धर्म संबंधी बयान का शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने समर्थन किया है। विशेष सत्र के दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण में हिंदू धर्म पर विचार व्यक्त किए थे, जिससे हिंदू संगठनों और भाजपा ने कड़ा विरोध जताया था। भाजपा और धर्मगुरुओं की आलोचना के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए एक वीडियो बयान दिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

शंकराचार्य का वीडियो बयान

कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के 1 मिनट 17 सेकंड के वीडियो को पोस्ट किया है। इस वीडियो में शंकराचार्य ने कहा, "हमने राहुल गांधी का पूरा भाषण सुना। वे स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि हिंदू धर्म में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। राहुल गांधी कहीं भी हिंदू धर्म के विपरीत बात नहीं कर रहे हैं। उनके आधे वक्तव्य को फैलाना अपराध है और ऐसा करने वाले को दंडित किया जाना चाहिए।"

राहुल गांधी का विवादित बयान

1 जुलाई को लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा था, "जो लोग अपने आप को हिंदू मानते हैं, वे 24 घंटे हिंसा और नफरत करते रहते हैं। आप लोग हिंदू हो ही नहीं। हिंदू धर्म में साफ लिखा है कि सच का साथ देना चाहिए।" इस बयान के बाद भाजपा और हिंदू संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया और देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए।

गौ रक्षा कानून पर शंकराचार्य की राय

राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल सच्चा हिंदू हितैषी नहीं है, क्योंकि कोई भी दल अभी तक गौ रक्षा कानून नहीं ला पाया है। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी संसद में जो कहते हैं, वह एक राजनीतिक वक्तव्य है, लेकिन सच्चा हिंदू वही है, जो गौ रक्षा कानून लेकर आएगा।"

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर शंकराचार्य की राय

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पहले भी राम मंदिर उद्घाटन से संबंधित मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि मंदिर अभी पूरी तरह से बनकर तैयार नहीं हुआ है और उससे पहले प्राण प्रतिष्ठा नहीं की जानी चाहिए। अधूरे भगवान की प्राण प्रतिष्ठा शास्त्रों में निषेध है। हालांकि, उन्होंने रामलला प्राण प्रतिष्ठा का समर्थन किया है।

राहुल गांधी के हिंदू धर्म संबंधी बयान पर हो रही आलोचनाओं के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन महत्वपूर्ण है। उनके बयान से यह स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी का भाषण हिंदू धर्म के खिलाफ नहीं था, बल्कि वह हिंसा और नफरत के खिलाफ थे। शंकराचार्य का समर्थन कांग्रेस पार्टी के लिए एक मजबूत समर्थन साबित हो सकता है और उनके बयान से विवाद को शांत करने में मदद मिल सकती है।

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