कच्छ, गुजरात: विजयदशमी के पावन अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात के कच्छ में शस्त्र पूजा समारोह में हिस्सा लिया और भारतीय सैनिकों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए चेतावनी दी कि यदि सर क्रीक क्षेत्र में कोई दुस्साहस हुआ, तो भारत ऐसा जवाब देगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया है, लेकिन सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ उसकी जंग अभी भी जारी रहेगी।शस्त्र पूजा धर्म और न्याय की रक्षा का प्रतीक
भुज के सैन्य अड्डे पर सैनिकों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि शस्त्र पूजा दैवी शक्ति की आसुरी शक्तियों पर विजय का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “जब हम शस्त्रों की पूजा करते हैं, तो हम यह संकल्प लेते हैं कि इनका उपयोग केवल धर्म और न्याय की रक्षा के लिए होगा। भगवान राम ने रावण के खिलाफ युद्ध में धर्म की स्थापना के लिए संघर्ष किया था। इसी तरह, महाभारत में भगवान कृष्ण के मार्गदर्शन में लड़ा गया युद्ध भी धर्म की रक्षा के लिए था। शस्त्र पूजा इस बात का प्रतीक है कि भारत न केवल शस्त्रों का सम्मान करता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग करने में भी सक्षम है।
“पाकिस्तान की नीयत पर सवाल, सर क्रीक विवाद पर निशाना
रक्षा मंत्री ने सर क्रीक क्षेत्र में चल रहे सीमा विवाद को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी पाकिस्तान इस मुद्दे को हवा दे रहा है। भारत ने इस विवाद को बातचीत से सुलझाने की कई कोशिशें कीं, लेकिन पाकिस्तान की मंशा साफ नहीं है। हाल ही में सर क्रीक के आसपास पाकिस्तानी सेना द्वारा सैन्य ढांचे के विस्तार से उनके गलत इरादे जाहिर होते हैं।राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना और बीएसएफ मिलकर सीमाओं की सतर्कता से रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान ने सर क्रीक में कोई गलत हरकत की, तो उसे ऐसा जवाब मिलेगा कि इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे। उन्होंने 1965 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने लाहौर तक अपनी ताकत दिखाई थी। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को यह नहीं भूलना चाहिए कि 2025 में सर क्रीक से होकर कराची तक का रास्ता भी है।”
‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना की ताकत का प्रदर्शन
रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने भारत की रक्षा प्रणाली को भेदने की नाकाम कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। इस ऑपरेशन ने दुनिया को दिखाया कि भारतीय सेना जब चाहे, जहां चाहे, पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि भारत ने संयम बरता क्योंकि उसकी कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ थी, न कि युद्ध छेड़ने के लिए।राजनाथ सिंह ने गर्व के साथ कहा कि भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सभी सैन्य लक्ष्यों को हासिल कर लिया है। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक यह खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।