दो सौ करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यो में तेजी लाने मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

प्रदेश के सिंचाई प्रोजेक्ट की समीक्षा

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रदेश में दो सौ करोड़ से अधिक के अधोसंरचना निर्माण कार्यो में तेजी लाने के निर्देश विभागों को दिए है।

मुख्य सचिव ने कहा है कि वृहद, मध्यम और लघु सिंचाई परियोजनाओं से वास्तविक रुप से सिंचित क्षेत्रों के आंकलन के संबंध में राजस्व, कृषि तथा नर्मदा घाटी विकास और उद्यानिकी विभागों सेसमन्वय स्थापित कर सिंचित रकबे की जानकारी जीआईएस पर मैपिंग कर मिलान किया जाए। उन्होंने कहा है कि रामनगर नईगढ़ी एक और नईगढ़ी दो में एजेंसी एनसीएलटी में होने से वांछित प्रगति प्राप्त नहीं हो रही है इसमें तेजी लाएं। पंचमनगर परियोजना का कार्य अक्टूबर 2025 तक पूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्य समयसीमा में पूरे करने के निर्देश उन्होंने दिए है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रस्तावित जल प्रदाय योजनाओं से संबंधित तलवाड़ा काठन एवं अन्य परियोजनाओं के निर्माण की मॉनिटरिंग कर समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश उन्होंने दिए है। अनुबंध में जीआरपी डीआई पाइप्स के स्थान पर डीआई पाईप के निर्णय की तकनीकी समिति से जांच करवाकर लंबित इसके कारण लंबित पड़ी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने के लिए उन्होंने कहा है। मेढ़ा परियोजना में क मांड एरिया में वृद्धि आवश्यक होंने की स्थिति में परीक्षण के बाद विभागीय नियमानुसार कार्यवाही करने को कहा है।

छिंदवाड़ा सिंचाई परियोजना का कार्य स्पेशल पैकेज की मांग के कारण अवरुद्ध है। परियोजना क्षेत्र में अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के संबंध में आदिवासी ग्रामों में भूमि की दरों के संबंध में फ्रिकवेंसी मेपिंग पिछले दस वर्षो की कराकर प्रस्तुत करने को उन्होंने कहा है।