ट्रंप की हरकतों से खफा US छोड़ेंगे नोबेल विजेता

जेनेवा, एजेंसी: मेंक अमेरिका ग्रेट अगेन नारे के साथ इसी साल अमेरिका की सत्ता में आए डोनाल्ड ट्रंप की नई नीतियों ने अमेरिका में तहलका मचा दिया है। इसकी वजह से ना केवल अवैध और वैध रूप से रहे लोग प्रभावित हुए हैं, बल्कि अमेरिकी लोग भी प्रभावित हुए हैं। ट्रंप की नई नीतियों में अमेरिकी कॉलेजों, यूनिवर्सिटी और रिसर्च प्रोजेक्ट्स के फंडिंग में भारी कटौती की गई है। कई कॉलेज्स अब फंडिंग की कमी से जूझ रहे हैं, इसकी वजह से स्टूडेंट्स की संख्या कम हुई है। सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने $6.9-8.2 बिलियन के ग्रांट्स रद्द कर दिए है।

ट्रंप की नई नीतियों की वजह से कई अमेरिकी देश छोड़ कर दूसरे देशों के यूनिवर्सिटी में अपना रिसर्च शिफ्ट करने की कोशिश में लगे हैं। फंडिग की कमी की वजह से ही भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक और अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी एस्टर डुफ्लो मेसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) छोड़ कर ज्यूरिख विश्वविद्यालय का रूख किया है। यहां पर वे फॉर डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स का केंद्र स्थापित करेंगे।

यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख (यूजेडएच) ने जानकारी देते हुए कहा कि ये कपल मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में अपने रिसर्च को छोड़कर अगले साल जुलाई से उनके अर्थशास्त्र विभाग में शामिल होंगे। हालांकि, यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख ने ये नहीं बताया कि कपल आखिर अमेरिका क्यों छोड़ रहा है। मगर, बात डोनाल्ड ट्रंप की फंडिंग की कटौती वाली नीति पर ही आकर रुक जाती है,जिसे उनकी टीम लगातार वेस्टफुल स्पेंडिंग बताती रही है