जिला जल उपयोगिता समिति की बैठक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में मुलताई विधायक चन्द्रशेखर देशमुख, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षत जैन, जल संसाधन मंडल अधीक्षण यंत्री विपिन वामनकर, जल संसाधन संभाग बैतूल कार्यपालन यंत्री रोशन कुमार सिंह, जल संसाधन संभाग मुलताई कार्यपालन यंत्री सी.एल. मरकाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में बताया कि वर्ष 2025-26 में जिले के कुछ क्षेत्रों में औसत से कम वर्षा होने के कारण कुछ जलाशय अपनी पूर्ण क्षमता तक नहीं भर पाए हैं। बैतूल एवं मुलताई के दोनों जल संसाधन संभागों के अंतर्गत 07 मध्यम एवं 187 लघु सिंचाई योजनाओं में कुल 448.524 मि.घ.मी. क्षमता के विरुद्ध 410.991 मि.घ.मी. 92 प्रतिशत जल का भंडारण हुआ है। इससे जिले में 90 हजार 852 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा प्रदान की जा सकेगी। बैठक में यह निर्णय लिया कि 10 नवम्बर से किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। जिन जलाशयों में जल स्तर कम है, वहां एक पलेवा, एक पानी की नीति के अनुसार सीमित सिंचाई की जाएगी। इसके अलावा झारकुंड जलाशय, मालसिवनी जलाशय, पचामा जलाशय, पाढर जलाशय में पानी अपनी पूर्ण क्षमता के अनुरूप नहीं भरा है, जिससे इस वर्ष रबी फसलों के लिए सिंचाई नहीं की जा सकेगी।