छठ खरना पर नीतीश का चिराग निवास पहुंचना: “बस दर्शन को चले आए” – एनडीए में नई गर्मजोशी का संकेत

लोकप्रिय छठ महापर्व के दौरान जहां पूरे बिहार में आस्था और समर्पण का वातावरण छाया हुआ है, वहीं राजनीतिक मंच पर भी कुछ ताजा इशारे सामने आ रहे हैं। रविवार शाम को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के निवास पर पहुंचे और वहां हो रही खरना पूजा में शिरकत की। उन्होंने छठ प्रसाद स्वीकार किया और चिराग पासवान के साथ गर्मजोशी भरी बातचीत की। इस दौरान नीतीश कुमार की हल्की मुस्कान वाली टिप्पणी सबसे ज्यादा चर्चा बटोर रही है, जिसमें उन्होंने कहा, “क्या जी… हम तो बस ऐसे ही दर्शन को चले आए।”

राजनीतिक हलकों में इस भेंट को साधारण शिष्टाचार से कहीं आगे बढ़कर देखा जा रहा है, खासकर अगले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के गणित से जोड़कर। खास तौर पर इसलिए, क्योंकि पिछले कुछ महीनों से एनडीए गठबंधन के अंदरूनी तालमेल को लेकर तरह-तरह की अटकलें लग रही हैं। नीतीश कुमार का यह कदम न केवल आपसी सद्भावना का पैगाम देता है, बल्कि यह भी इंगित करता है कि गठबंधन के रिश्तों को मजबूत और मधुर रखने के प्रयास जारी हैं। चिराग पासवान ने भी मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया और कहा, “मुख्यमंत्री जी का यहां आना हमारे लिए गर्व की बात है। छठ बिहार की पहचान और एकजुटता का प्रतीक है।”

जानकारों की मानें तो इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक विषयों पर भी हल्की-फुल्की बातें हुईं, हालांकि इन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया। मगर पूरा माहौल बेहद आरामदायक और दोस्ताना रहा। छठ जैसे सांस्कृतिक और धार्मिक पर्व पर नीतीश कुमार की यह मुलाकात बिहार की राजनीति में एक नई सहजता की ओर इशारा कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में लोजपा (रामविलास) और जदयू के बीच यह मैत्रीपूर्ण माहौल भविष्य की चुनावी रणनीतियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।