अफगानिस्तान के उत्तरी क्षेत्र में सोमवार सुबह एक शक्तिशाली भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, रिक्टर स्केल पर 6.3 तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र मजार-ए-शरीफ शहर और खुल्म कस्बे के निकट, धरती की सतह से लगभग 28 किलोमीटर गहराई में था। स्थानीय समयानुसार रात करीब 1 बजे आए इस झटके ने बाल्ख प्रांत और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मचा दी। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। मजार-ए-शरीफ, जो उत्तरी अफगानिस्तान का प्रमुख और घनी आबादी वाला शहर है, भूकंप के केंद्र से अपेक्षाकृत नजदीक स्थित है।
यूएसजीएस ने चेतावनी दी है कि इस भूकंप से व्यापक जान-माल का नुकसान हो सकता है। अभी तक की सूचना के अनुसार 7 लोगों की मौत हुई है और 150 से अधिक घायल हैं। प्रारंभिक आकलन में सैकड़ों लोगों के हताहत होने की आशंका जताई गई है। कई मकान और इमारतें ढहने की खबरें हैं। भूकंप का असर दिल्ली तक महसूस किया गया, जहां सुबह करीब 2 बजे हल्के झटके लगे, जिससे रात में लोगों में घबराहट फैल गई। अफगानिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि रात करीब 1 बजे देश के कई प्रांत एक बार फिर तेज भूकंप की चपेट में आए।
मीडिया खबरों के अनुसार, मजार-ए-शरीफ की एक पूर्व शिक्षिका ने बताया कि वह और उनका परिवार अचानक झटकों से जाग गए। बच्चे रोते हुए नीचे की ओर भागे। उन्होंने कहा कि जीवन में पहली बार इतना तेज भूकंप महसूस किया। उनके घर की दीवारों में दरारें पड़ गईं और कई खिड़कियों के शीशे चटक गए। चूंकि उनका मकान कंक्रीट का है, इसलिए वह सुरक्षित रहा, लेकिन शहर के बाहरी हिस्सों में मिट्टी के बने घरों के ढहने की संभावना उन्होंने जताई।