नीतीश कुमार ने बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अब वे गुरुवार को दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में सुबह 11:30 बजे आयोजित हुआ। इसके लिए दो विशाल मंच तैयार किए गए हैं।
इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा 11 राज्यों के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे। साथ ही करीब 150 चुनिंदा अतिथियों को विशेष निमंत्रण भेजा गया है।
इससे पहले बुधवार को बिहार विधानमंडल के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया। सुबह 11 बजे भाजपा मुख्यालय में हुई अलग बैठक में सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता और विजय कुमार सिन्हा को उपनेता चुना गया। इसके साथ ही यह लगभग तय हो गया है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा दोनों बिहार के उपमुख्यमंत्री बनेंगे। सूत्रों के अनुसार शपथ ग्रहण के दौरान नीतीश कुमार के साथ ये दोनों नेता भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। जदयू विधायक दल की बैठक भी पहले हो चुकी थी, जिसमें नीतीश कुमार को एकबार फिर पार्टी विधायक दल का नेता चुना गया था।
मंत्रिमंडल का गठन पूरी तरह मुख्यमंत्री के हाथ में रहेगा। बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि सबसे पहले राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा, उसके बाद मंत्रिमंडल के विस्तार और बंटवारे पर बात स्पष्ट होगी।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि एनडीए ने एक स्वर में नीतीश कुमार को अपना नेता चुना है और औपचारिक रूप से नई सरकार शपथ लेगी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और सीवान सदर विधायक मंगल पांडेय ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार में समावेशी विकास और सुशासन की मजबूत नींव पड़ी है। उनके नेतृत्व में प्रदेश आगे भी तेजी से आगे बढ़ेगा।