मध्यप्रदेश: नवंबर की रिकॉर्ड ठंड के बाद अब 4 दिन की राहत, दिसंबर में फिर कड़ाके की सर्दी!

इस बार मध्यप्रदेश ने नवंबर महीने में ही कई पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। भोपाल में 84 वर्ष बाद नवंबर की सबसे कड़क ठंड पड़ी, जबकि इंदौर में 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। पूरे प्रदेश में लगातार 15 दिनों तक शीतलहर का कहर रहा। हालांकि अब नवंबर के अंतिम सप्ताह में लोगों को कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने वाली है।

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, अगले चार दिनों तक मध्यप्रदेश के किसी भी हिस्से में शीतलहर चलने की संभावना नहीं है। वर्तमान में एक सक्रिय चक्रवाती सर्कुलेशन के कारण प्रदेश के ऊपर बादल छाए हुए हैं। सोमवार को भी भोपाल सहित कई शहरों में हल्की-भारी बादलवाही रही, जिससे दिन के तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान महज 26.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

इसी तरह बालाघाट के मलाजखंड में 25 डिग्री, रायसेन में 26.6 डिग्री, श्योपुर में 26.2 डिग्री और दतिया में 26.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों की मौजूदगी के कारण दिन में ठंडक बढ़ी है, पर रात के तापमान में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

पहाड़ों में जल्दी बर्फबारी, इसलिए एमपी में जल्दी सर्दी

इस साल हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले ही भारी बर्फबारी शुरू हो गई थी। इसके चलते 6 नवंबर से ही मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाएँ सक्रिय हो गईं और प्रदेश काँपने लगा। भोपाल में तो लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद नवंबर में सबसे लंबा शीतलहर का दौर है। कुछ जगहों पर रात का पारा 5.2 डिग्री तक लुढ़क गया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

अब हवा की दिशा पूरी तरह बदल चुकी है। उत्तर से ठंडी हवाएँ फिलहाल नहीं आ रही हैं, इसलिए पिछले तीन दिनों से शीतलहर गायब है। यही स्थिति अगले चार-पांच दिन तक बनी रहेगी। मतलब इस सप्ताह कड़ाके की ठंड से राहत रहेगी, लेकिन दिसंबर के पहले सप्ताह से फिर से कड़ाके की सर्दी शुरू होने की पूरी संभावना है।

एक रात में भोपाल का पारा 4.6 डिग्री चढ़ा

रविवार- सोमवार की रात कई शहरों में न्यूनतम तापमान में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। भोपाल में एक ही रात में तापमान 4.6 डिग्री बढ़कर 14 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया। इंदौर में 12.8, ग्वालियर में 10.6, उज्जैन में 15 और जबलपुर में 14.5 डिग्री तापमान रहा। केवल नौगांव (छतरपुर), नरसिंहपुर, राजगढ़ और रीवा में ही पारा 10 डिग्री से नीचे रहा।

कोहरे का कहर शुरू, ड्राइविंग में सावधानी बरतें

कोहरे ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। भोपाल में दिनभर हल्की धुंध छाई रही, जिससे दृश्यता 4-5 किलोमीटर तक सीमित हो गई। सुबह के समय तो कई जगहों पर विजिबिलिटी मात्र 1-2 किलोमीटर रही। पचमढ़ी, नर्मदापुरम, रीवा, सतना, शाजापुर आदि क्षेत्रों में घना कोहरा देखा गया।

मौसम विभाग ने सुबह के समय कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही स्वास्थ्य और फसलों को लेकर भी विशेष सलाह जारी की गई है।