.भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के कमर्शियल रन (यात्रियों के लिए संचालन) को शुरू करने के लिए एक बड़ी बाधा दूर हो गई है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने तीन बार गहन निरीक्षण करने के बाद अपनी अंतिम सुरक्षा स्वीकृति यानी एनओसी (‘ओके’ रिपोर्ट) दे दी है।
इस ग्रीन सिग्नल के बाद, अब संभावना है कि मेट्रो का कमर्शियल रन दिसंबर माह में ही प्रायोरिटी कॉरिडोर (सुभाषनगर से एम्स के बीच) पर शुरू हो जाएगा।
प्रधानमंत्री करेंगे लोकार्पण
रिपोर्ट में सब कुछ ‘ओके’ पाए जाने के बाद CMRS की यह रिपोर्ट मेट्रो कॉरपोरेशन के माध्यम से प्रदेश सरकार को सौंप दी गई है। अब नई दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही कमर्शियल रन की शुरुआत हो जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेट्रो का लोकार्पण किए जाने की संभावना है। वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। शुरुआती तौर पर 13 दिसंबर को लोकार्पण कराए जाने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि इसे आगे बढ़ाने की बात भी सामने आई है। एक संभावना यह भी है कि इंदौर की तरह भोपाल में भी मेट्रो का लोकार्पण वर्चुअली तरीके से हो, हालांकि मेट्रो अधिकारी अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।
मैनुअल टिकट सिस्टम
शुरुआत में मेट्रो के कमर्शियल रन के दौरान टिकट कलेक्शन सिस्टम मैन्युअली रहेगा, क्योंकि मेट्रो कॉरपोरेशन ने तुर्किए की उस कंपनी का ठेका रद्द कर दिया है जो ऑनलाइन टिकट सिस्टम लागू करने वाली थी। नई एजेंसी आने तक यही मैनुअल सिस्टम (जो इंदौर मेट्रो में भी लागू है) अपनाया जाएगा।
CMRS ने की गहन जांच
CMRS की टीम ने 12 से 15 नवंबर तक भोपाल में अपना आखिरी और विस्तृत दौरा किया था। टीम ने डिपो से लेकर ट्रैक और ट्रेनों तक सुरक्षा के हर पहलू की बारीकी से जांच की।
CMRS द्वारा जांचे गए मुख्य बिंदु:
- डिपो और रोलिंग स्टॉक (ट्रेनें)
- सभी आठ मेट्रो स्टेशन (सुभाषनगर से एम्स तक)
- ट्रैक, टर्न आउट्स, सिग्नलिंग एवं ट्रेन कंट्रोल सिस्टम
- थर्ड रेल पॉवर सप्लाई और ऑपरेशन/मेंटेनेंस प्रोसेस
- फायर सेफ्टी, आपातकालीन सिस्टम, यात्री सुविधाएं (लिफ्ट, एस्कलेटर)
CMRS की रिपोर्ट मिलने के बाद मेट्रो अधिकारी अब सरकार को बता चुके हैं कि वे कमर्शियल रन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। स्टेशनों पर कुछ बचा हुआ काम चल रहा है, लेकिन इससे संचालन पर असर नहीं पड़ेगा।
आगे की परियोजना
प्रायोरिटी कॉरिडोर (सुभाषनगर से एम्स) के बाद, अगला ध्यान ऑरेंज लाइन के दूसरे चरण (सुभाषनगर से करोंद तक) पर और ब्लू लाइन (भदभदा से रत्नागिरी के बीच) के काम को तेजी से निपटाने पर रहेगा।