राहुल का मोदी सरकार पर तीखा हमला: जाति जनगणना पर कोई योजना नहीं, बहुजनों से खुला विश्वासघात!

लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जाति जनगणना को टालने का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे बहुजन समाज के साथ खुलेआम धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के पास न तो जाति जनगणना कराने की कोई स्पष्ट रूपरेखा है, न समय-सीमा तय है और न ही संसद तथा जनता से इस मुद्दे पर कोई संवाद करने की योजना है।

बुधवार को राहुल गांधी ने सदन में अपने लिखित सवाल के जवाब का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकार ने उनके सवालों का स्पष्ट उत्तर तक नहीं दिया। उन्होंने पूछा था कि आगामी जनगणना के लिए प्रश्नावली कैसे तैयार की जा रही है, क्या जनता और जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे तथा विभिन्न राज्यों में हुए जाति सर्वेक्षणों के अनुभवों का अध्ययन किया जा रहा है या नहीं। इन सभी सवालों पर सरकार ने कोई ठोस जानकारी नहीं दी।

जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केवल इतना बताया कि अगली जनगणना दो चरणों में होगी—पहला चरण मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का और दूसरा चरण जनसंख्या गणना का। जनसंख्या गणना की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 रखी गई है तथा अधिकांश राज्यों में यह फरवरी 2027 में होगी, जबकि बर्फीले इलाकों में सितंबर 2026 से शुरू हो जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि हर जनगणना से पहले पिछले अनुभवों और हितधारकों के सुझावों को ध्यान में रखा जाता है तथा इस बार भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

राहुल गांधी ने इस जवाब को अपर्याप्त और टालमटोल भरा बताया तथा इसे बहुजन समाज के हक़ की अनदेखी करार दिया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी राजनीतिक बहस छिड़ने की पूरी संभावना है।