देवास शराब ठेकेदार आत्महत्या पर  सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित निलंबित

देवास में शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना की आत्महत्या मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जिला आबकारी अधिकारी (तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त) मंदाकिनी दीक्षित को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के कड़े रुख के बाद यह फैसला लिया गया है, जिसके तहत दोषी अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

वायरल वीडियो बना निलंबन का आधार

यह मामला तब प्रकाश में आया जब इंदौर कनाड़िया के निवासी और देवास में शराब ठेके संचालित करने वाले दिनेश मकवाना ने 8 नवंबर को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।

आत्महत्या से ठीक पहले, मकवाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में उन्होंने सीधे तौर पर आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित पर अवैध रूप से राशि की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया था, जिसके कारण वे यह कदम उठा रहे थे।

निलंबन आदेश में आरोपों की गंभीरता

राज्य शासन द्वारा जारी निलंबन पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दीक्षित पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और यह एक शासकीय सेवक के कर्तव्यों और दायित्वों के विपरीत है।

यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के स्पष्ट उल्लंघन के कारण की गई है। उन्हें मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, ग्वालियर रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

प्रशासनिक गलियारों में इस निलंबन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।