पटना एयरपोर्ट पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दो फर्जी सीबीआई अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। एयरपोर्ट कर्मियों ने पुलिस को फोन कर बताया कि पिछले कई दिनों से दो व्यक्ति परिसर में चक्कर लगा रहे हैं और खुद को सीबीआई अधिकारी बता रहे हैं। इनकी पल्सर मोटरसाइकिल पर “केंद्रीय खुफिया ब्यूरो” का स्टिकर भी लगा हुआ था।
सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और प्रारंभिक पूछताछ की। शिनाख्त में दोनों फंस गए। उन्हें थाने लाया गया, जहां एसडीपीओ ने विस्तृत पूछताछ की। जांच के दौरान एक बड़े ठगी गिरोह का खुलासा हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु कुमार (42 वर्ष) और सत्यानंद कुमार (45 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों डेढ़ साल पहले पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान निवासी सोहेल मिर्जा के संपर्क में आए थे, जो इस गिरोह का सरगना है। सोहेल मिर्जा ने ही इन्हें फर्जी सीबीआई अधिकारी बनाकर ठगी करने का प्रशिक्षण दिया था।
गिरोह में सोनपुर निवासी खालिद अहमद नंबर-दो की पोजिशन पर है और हिमांशु-सत्यानंद सीधे उसी को रिपोर्ट करते थे। खालिद इन दोनों को टारगेट चुनने, उनसे बात करने का तरीका और ठगी की रणनीति बताता था। फोन पर घंटों बातचीत होती थी।
गिरोह के सदस्यों को असली सीबीआई अधिकारियों जैसे आई-कार्ड, ड्रेस और अन्य सामग्री मुहैया कराई जाती थी। हिमांशु को स्टेट डायरेक्टर जनरल और सत्यानंद को स्टेट डायरेक्टर के पद का लालच दिया गया था।
पुलिस ने इनके पास से कई फर्जी आईडी कार्ड बरामद किए हैं। पूछताछ में दोनों ने अपने तीन साथियों – सोहेल मिर्जा, खालिद अहमद और डीके वर्मा के नाम व मोबाइल नंबर बताए हैं। इनकी तलाश में अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं।
गिरोह का मुख्य धंधा सीबीआई का नाम लेकर लोगों को डराना और उनसे पैसे ऐंठना था। ये लोग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सक्रिय थे। कुछ काम बंगाल से निर्देशित होते थे, तो कुछ बिहार में ही अंजाम दिए जाते थे।