उत्तराखंड के चमोली जिले में मंगलवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। पीपलकोटी में निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (444 मेगावाट) की मुख्य सुरंग के भीतर दो ट्रॉलियां आपस में टकरा गईं। इस घटना के समय ट्रॉलियों में इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों सहित कुल 110 लोग सवार थे। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में लगभग सभी लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 2 की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
शिफ्ट बदलने के दौरान हुआ हादसा
घटना मंगलवार रात करीब 10 बजे की है। बताया जा रहा है कि सुरंग के भीतर मजदूरों की शिफ्ट बदली जा रही थी। एक ट्रॉली कर्मचारियों को लेकर बाहर की ओर आ रही थी, तभी दूसरी ओर से निर्माण सामग्री लेकर जा रही ट्रॉली से उसकी भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुरंग के भीतर चीख-पुकार मच गई और अंधेरे में रेस्क्यू करना मुश्किल हो गया।
ब्रेक फेल होना बनी शुरुआती वजह
प्रारंभिक जांच और सुरंग में मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, ढलान पर एक ट्रॉली का ब्रेक फेल हो गया था, जिससे वह अनियंत्रित होकर दूसरी ट्रॉली से जा भिड़ी। हालांकि, प्रोजेक्ट का प्रबंधन देख रही कंपनी और प्रशासन ने अभी तक दुर्घटना के सटीक कारणों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन और घायलों की स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुँचीं। सुरंग के संकरे रास्ते और मलबे के कारण बचाव कार्य में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यहाँ बड़ी संख्या में घायलों को प्राथमिक उपचार और एक्सरे के लिए लाया गया है। मामूली रूप से घायल श्रमिकों का इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किए जाने की तैयारी है।
प्रोजेक्ट की सुरक्षा पर सवाल
THDC की इस निर्माणाधीन परियोजना का काम हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) द्वारा किया जा रहा है। सुरंग के भीतर परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाली इन लोको ट्रॉलियों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा उपकरणों की अनदेखी इस हादसे की एक बड़ी वजह हो सकती है।