नशे में धुत व्यक्ति ने तिरुपति गोविंदराजस्वामी मंदिर के गोपुरम पर चढ़कर मचाया हंगामा

तिरुपति के प्रसिद्ध श्री गोविंदराजस्वामी मंदिर में मंगलवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नशे में धुत एक व्यक्ति मंदिर के मुख्य गोपुरम पर चढ़ गया। इस घटना ने न केवल परिसर में मौजूद लोगों में दहशत पैदा की, बल्कि पवित्र कलशों की रक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता बढ़ा दी। यह हादसा रात लगभग 10 बजे का है, जब एकांत सेवा पूरी होने के बाद मंदिर में आमतौर पर सन्नाटा छाया रहता है।

सुरक्षा कर्मियों को जैसे ही गोपुरम के ऊपरी हिस्से पर किसी अजनबी की मौजूदगी की खबर मिली, पूरे प्रशासन में खलबली मच गई। जानकारी के मुताबिक, आरोपी शख्स मंदिर की ऊंची कंपाउंड दीवार पार करके अंदर घुस आया था। विजिलेंस और सुरक्षा स्टाफ उसे पकड़ पाते, इससे पहले ही वह तेजी से महाद्वार के निकट वाले नादिमी गोपुरम के शीर्ष तक पहुंच गया। वहां पहुंचकर उसने दो पवित्र कलशों को कुछ हद तक नुकसान पहुंचाया, जिससे भक्तों की भावनाएं आहत हुईं।

आरोपी की शिनाख्त तेलंगाना के निजामाबाद जिले के पेद्दामल्ला रेड्डी कॉलोनी निवासी कुट्टाड़ी तिरुपति (उम्र करीब 42-45 वर्ष) के रूप में हुई है। गवाहों और पुलिस के बयान से पता चला कि वह गहरे नशे में था और अपनी सुरक्षा की कोई फिक्र नहीं कर रहा था। पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने उसे नीचे आने के लिए काफी मनाने की कोशिश की, लेकिन उसने उल्टा शोर मचाना शुरू कर दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उसने नीचे उतरने की शर्त के रूप में शराब की बोतल मांगी और साफ कहा कि जब तक शराब नहीं मिलेगी, वह नहीं उतरेगा।

हालात बेकाबू होते देख पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लोहे की सीढ़ियां और रस्सियां लगाकर करीब तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद टीम ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया और नीचे उतार लिया। इस दौरान किसी बड़े हादसे को टलने दिया गया। नीचे लाने के बाद उसे फौरन तिरुपति ईस्ट पुलिस थाने ले जाया गया, जहां पूछताछ में उसने शराब मांगने की बात स्वीकार कर ली।

इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल उठाए हैं। इतने पवित्र और महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र पर किसी व्यक्ति का दीवार फांदकर गोपुरम तक पहुंच जाना गंभीर सुरक्षा लापरवाही माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच चल रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा में कहां कमी रह गई। आगे ऐसी वारदातों को रोकने के लिए परिसर में निगरानी को और सख्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।