केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी देशभर में राजमार्गों के व्यापक निर्माण से यातायात को सुविधाजनक बना रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने एक बार हाइवे विकास के लिए अपने ससुर के घर को भी ध्वस्त करवा दिया था। दिल्ली स्थित अपने सरकारी बंगले के परिसर में वे स्वयं छोटे स्तर पर सब्जियां उगाते हैं, जिसमें मिर्च जैसी फसलें शामिल हैं। वहीं उनकी पत्नी कंचन गडकरी महाराष्ट्र में जैविक खेती करती हैं। ये सभी व्यक्तिगत किस्से उन्होंने फिल्ममेकर एवं कोरियोग्राफर फराह खान के यूट्यूब व्लॉग में साझा किए।
व्लॉग के दौरान कंचन गडकरी ने बताया कि राजमार्ग निर्माण के कारण एक बार उनके पिता का घर गिराना पड़ा था। इस पर नितिन गडकरी ने हंसते हुए स्वीकार किया कि हां, ससुरजी के घर को तोड़ना आवश्यक था। चूना मारकर पूरा मकान ढहा दिया गया और इसके एवज में उचित मुआवजा प्रदान किया गया।
गडकरी ने दिल्ली-देहरादून राजमार्ग का जिक्र करते हुए कहा कि जल्द ही यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा, जिससे यह दूरी मात्र दो घंटे में कार से तय की जा सकेगी और हवाई यात्रा की जरूरत कम हो जाएगी।
उन्होंने आगे बताया कि उनकी पत्नी महाराष्ट्र में जैविक तरीके से खेती करती हैं, जहां एक किलो वजनी बैंगन और प्याज जैसी असाधारण पैदावार हुई है। वहां विभिन्न सब्जियां, अरहर तथा चने की दालें भी उगाई जाती हैं। खेती में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग होता है, जिसमें गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों की सहायता से सैटेलाइट इमेज के आधार पर सिंचाई की जाती है। दिल्ली के बंगले में भी वे मिर्च आदि उगाते हैं, जहां 15-17 मोर रोजाना चारा चुगने आते हैं। उनके पड़ोस में सोनिया गांधी का निवास है, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का बंगला दूसरी ओर था।
गडकरी ने अपनी जीवनशैली को मध्यमवर्गीय बताते हुए कहा कि भगवान ने उन्हें उनकी औकात से अधिक दिया है और वे इससे संतुष्ट हैं। जनप्रतिनिधि के रूप में नागपुर में कभी पांच हजार लोग भी मिलने आते हैं, लेकिन वे अंतिम व्यक्ति से भी बात करते हैं, भले कम समय के लिए। उन्होंने अपने बेटे को भी सलाह दी कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं का उनकी विरासत पर पूरा हक है, जिन्होंने उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचाया।