केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को उदयपुर के भूपाल नोबल्स संस्थान के 104वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। यहां उन्होंने देश की राजनीति में बढ़ते अविश्वास पर गंभीर चिंता व्यक्त की। सिंह ने कहा कि नेताओं की बातों और कामों में फर्क होने से जनता का भरोसा कम हुआ है। इसे एक बड़ी चुनौती मानकर दूर करने की जरूरत है।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि उनका सक्रिय राजनीति में प्रवेश पूरी तरह संयोगवश हुआ था। उन्होंने शिक्षा की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि केवल ज्ञान काफी नहीं, उसके साथ नैतिक मूल्य और चरित्र निर्माण भी जरूरी है। सिंह ने चेतावनी दी कि उच्च शिक्षित लोग भी कभी-कभी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने दिल्ली में एक घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि डॉक्टर जैसे पेशेवर लोग, जो मरीजों के लिए दवाएं लिखते हैं, कभी-कभी गलत रास्ते पर चले जाते हैं।
समारोह की अध्यक्षता नाथद्वारा के विधायक और मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य विश्वराज सिंह मेवाड़ ने की। अपने भाषण में उन्होंने बिना नाम लिए पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया पर निशाना साधा। विश्वराज सिंह ने कहा कि कुछ लोग महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों के इतिहास को लेकर अनुचित टिप्पणियां कर रहे हैं, जबकि उन्हें अपने पद की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। ऐसे बयान राजस्थान की गौरवशाली विरासत को चोट पहुंचाते हैं।
कार्यक्रम में चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। राजनाथ सिंह ने संस्थान की सैनिक स्कूल बनाने की मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि रिपोर्ट अच्छी है, वे इस पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान देंगे।
इस आयोजन में शिक्षा, रक्षा और सामाजिक मूल्यों पर व्यापक चर्चा हुई। रक्षा मंत्री ने भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ने की सराहना की, साथ ही आत्मनिर्भरता पर बल दिया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, उनका यह संबोधन वर्तमान समय में नेतृत्व की विश्वसनीयता को मजबूत करने का संदेश देता है।