60 से अधिक गायों की मौत से हड़कंप; स्वास्थ्य अधिकारी निलंबित, 25 कर्मचारी बर्खास्त

चंडीगढ़ के रायपुर कलां स्थित नगर निगम द्वारा संचालित शहर की सबसे बड़ी गौशाला और उससे सटे एनिमल कारकस इनसिनरेटर प्लांट में भारी लापरवाही के कारण 60 से अधिक गायों और बछड़ों की मौत का मामला सामने आया है। सात दिनों से खराब पड़ी मशीन और प्रशासनिक अनदेखी के कारण दर्जनों गायों के शव खुले बरामदे में सड़ते पाए गए। इस घटना के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य अधिकारी को निलंबित कर दिया है और 25 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।

कैसे खुला लापरवाही का कच्चा चिट्ठा?

बुधवार देर रात ‘सनातन टास्क फोर्स’ और अन्य समाजसेवियों ने जब रायपुर कलां स्थित कारकस प्लांट का औचक निरीक्षण किया, तो वहां का नजारा भयावह था। प्लांट के बरामदे में 50 से अधिक गायों के शव लावारिस हालत में पड़े थे। कई शव क्षत-विक्षत थे और उनसे भीषण दुर्गंध आ रही थी। हंगामा बढ़ने पर मेयर हरप्रीत कौर बबला, निगम कमिश्नर अमित कुमार और डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव को देर रात मौके पर पहुंचना पड़ा।

चार महीने में ही फेल हुआ 1.79 करोड़ का प्लांट

जांच में सामने आया कि जिस मॉडर्न इनसिनरेटर प्लांट का उद्घाटन सितंबर 2025 में बड़े दावों के साथ किया गया था, वह महज चार महीने में ही तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गया। 300 किलो क्षमता वाली मशीन में क्षमता से अधिक वजन के पशु डालने के कारण इसकी मुख्य प्लेट टूट गई थी। पिछले एक हफ्ते से मशीन बंद थी और अधिकारी मुंबई से नई प्लेट आने का इंतजार कर रहे थे, जबकि मृत पशुओं के ढेर लगते गए।

कई अधिकारियों पर गिरी गाज

घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने तत्काल प्रभाव से मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (MOH) डॉ. इंद्रदीप कौर और कैटल पाउंड इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को सस्पेंड कर दिया गया और  वेटरनरी डॉक्टर डॉ. रविंदर सिंह धालीवाल, सेनेटरी इंस्पेक्टर रामलाल सिंह, सुपरवाइजर लवली और करीब 22 अन्य मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) को नौकरी से निकाल दिया गया है।

मक्खन माजरा गौशाला की बदहाली और गायब पशु

समाजसेवियों ने पास की मक्खन माजरा गौशाला के प्रबंधन पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि वहां 800 में से करीब 400 गायें रिकॉर्ड से गायब हैं। जीवित बची गायें भी भीषण ठंड में गंदगी और गोबर के बीच रहने को मजबूर थीं। आशंका जताई जा रही है कि प्लांट में मिले अधिकांश शव इसी गौशाला की गायों के हैं, जिनकी मौत कुप्रबंधन और ठंड के कारण हुई है।

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी अध्यक्षता एडीएम अमनदीप सिंह भट्टी करेंगे। जांच के मुख्य बिंदु होंगे:

  1. गायों की मौत का वास्तविक कारण (पोस्टमॉर्टम और विसरा जांच की जाएगी)।
  2. क्या मृत गायों के अंगों की तस्करी या कोई अन्य आपराधिक साजिश थी?
  3. गौशाला से गायब हुई गायों का रिकॉर्ड और उनकी स्थिति।
  4. मशीन खराब होने के बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

प्रशासन ने अब गौशालाओं में 24 घंटे निगरानी के लिए CCTV कैमरे लगाने और डॉक्टरों की टीम द्वारा हर 15 दिन में निरीक्षण करने का निर्णय लिया है।