कांशीराम जयंती पर राहुल-खड़गे-तेजस्वी ने नमन, संविधान बचाओ का संदेश

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक एवं प्रसिद्ध समाज सुधारक मान्यवर कांशीराम की जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर नेताओं ने उनके सामाजिक न्याय, वंचित वर्गों के उत्थान और संविधान की रक्षा से जुड़े योगदान को याद किया तथा इसे आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांशीराम को नमन किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम का गरीबों, दलितों और वंचितों के अधिकारों के लिए किया गया अथक संघर्ष एवं पूर्ण समर्पण हर भारतीय के लिए प्रेरणा स्रोत है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि कांशीराम जी का दृढ़ विश्वास था कि संविधान ही दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने चेतावनी दी कि आज संविधान पर खतरा मंडरा रहा है और वे लोग ही इसे कमजोर करने में जुटे हैं, जिन्होंने बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान की शपथ लेकर सत्ता संभाली है। राहुल गांधी ने कांशीराम की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि सत्ता में वास्तविक भागीदारी के बिना सामाजिक न्याय संभव नहीं है और कांग्रेस इस सपने को पूरा करने के लिए पहले की तरह आज भी और हमेशा खड़ी रहेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने दलितों, वंचितों, शोषितों और पिछड़े वर्गों को एकजुट कर भारतीय राजनीति की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। खड़गे ने उनके सामाजिक न्याय एवं समानता की लड़ाई को सदाबहार प्रेरणा बताया।

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने कांशीराम की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उन्होंने हाशिए पर खड़े लोगों में सामाजिक-राजनीतिक जागृति पैदा की और वंचित वर्गों के राजनीतिक एकीकरण एवं उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तेजस्वी ने जोर दिया कि कांशीराम द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही देश में समान विकास और सामाजिक समानता स्थापित की जा सकती है।

कांशीराम की जयंती के मौके पर विभिन्न संगठनों, राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम आयोजित कर उनके विचारों को सम्मान देते हुए सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करने का प्रण लिया। यह आयोजन वंचित समाज के सशक्तिकरण और संविधान की रक्षा के संदेश के साथ संपन्न हुआ।