मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राजधानी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संभावित निवेशकों के साथ दो अलग-अलग बैठकें की। इन बैठकों में कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे प्रदेश में 27,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
बैठकों में सीएम यादव ने मध्य प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी सहयोग की जानकारी दी। उद्योगपतियों ने राज्य की भौगोलिक स्थिति, संसाधनों और सरकारी प्रोत्साहन को आकर्षक बताया। प्रस्ताव मुख्य रूप से विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी, फूड प्रोसेसिंग और संबंधित क्षेत्रों से जुड़े हैं।
युवा रोजगार पर विशेष जोर
सरकार का फोकस सिर्फ निवेश आकर्षित करने पर नहीं, बल्कि उसके माध्यम से स्थानीय युवाओं को नौकरियां उपलब्ध कराने पर भी है। इन प्रस्तावित परियोजनाओं के क्रियान्वयन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 27 हजार से ज्यादा रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। यह मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर और औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
सीएम का आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से अपील की कि वे मध्य प्रदेश को अपना निवेश गंतव्य बनाएं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सभी प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी देगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण सहयोग करेगी।
मध्य प्रदेश हाल के वर्षों में निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बनकर उभरा है। पहले आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और शिखर सम्मेलनों में प्राप्त प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा अब जमीन पर उतरने लगा है, जिससे रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।