उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी इलाके में निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में गुरुवार शाम एक गंभीर दुर्घटना हो गई। सुरंग के अंदर अचानक पानी और मलबा घुस आने से काम कर रहे मजदूर फंस गए। इस हादसे में अब तक सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने के लिए बचाव अभियान तेज गति से जारी है।
हादसे के समय सुरंग में कुल 22 मजदूर मौजूद थे। बचाव टीमों ने अधिकांश मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। कई घायल मजदूरों को गोपेश्वर जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। मृतकों और घायलों में झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार तथा उत्तराखंड के मजदूर शामिल हैं।
सीएम धामी का निरीक्षण और सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को हेलीकॉप्टर से घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने खुद सुरंग के अंदर जाकर बचाव कार्यों का जायजा लिया। इसके बाद वे गोपेश्वर अस्पताल गए और घायल मजदूरों से मिलकर उनका हाल-चाल पूछा। सीएम ने स्पष्ट किया कि मृतक मजदूरों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए और कहा कि अगर कोई लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
सीएम धामी ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी फोन पर बातचीत की क्योंकि कई प्रभावित मजदूर इन राज्यों से हैं। उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया।
बचाव अभियान जारी
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मिलकर बचाव कार्य कर रही हैं। सुरंग में पानी और मलबा भर जाने से ऑपरेशन कठिन हो गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार खुद मौके पर मौजूद हैं और अभियान की निगरानी कर रहे हैं।