राजधानी भोपाल में लागू व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क को लेकर बुधवार को व्यापारियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आईएसबीटी स्थित निगम दफ्तर पहुंचकर इस शुल्क को तुरंत समाप्त करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में यह शुल्क नहीं लिया जा रहा, फिर भी भोपाल के व्यापारियों से लगातार वसूली हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि यह भेदभावपूर्ण रवैया है और राजधानी होने के बावजूद उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
चैंबर के पदाधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को हुई आपात बैठक में सभी प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने एकमत होकर शुल्क वापसी की मांग तय की थी। बुधवार की सुबह प्रतिनिधियों ने निगम कार्यालय के बाहर जमा होकर नारेबाजी की और अधिकारियों के समक्ष ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू की।
व्यापारिक प्रतिनिधियों का तर्क है कि प्रदेश भर में एकसमान व्यवस्था होनी चाहिए। अगर अन्य शहरों में बिना इस शुल्क के व्यापार चल सकता है तो भोपाल के व्यापारियों को अलग से क्यों परेशान किया जा रहा है। उन्होंने शहर की अर्थव्यवस्था और रोजगार में अपने योगदान का हवाला देते हुए राहत की अपील की।
प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल व्यापारियों की एकजुट आवाज साफ है, की कमर्शियल लाइसेंस शुल्क तुरंत वापस लिया जाए।