त्योहारों सीजन नजदीक आते ही राजधानी के बाजारों में शक्कर की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया। वर्तमान में शक्कर 66 से 67 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है। व्यापारियों का दावा है कि खुदरा दुकानों पर यह भाव और ऊंचा चल रहा है। इस बढ़ोतरी से आम उपभोक्ता और छोटे किराना व्यापारी दोनों चिंतित हैं।
बाजार से जुड़े विशेषज्ञों और व्यापारियों ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में शक्कर के दाम में 15 से 20 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। पहले 47-48 रुपये किलो के आसपास मिलने वाली शक्कर अब कई जगहों पर 68-70 रुपये किलो तक पहुंच गई है। थोक स्तर पर भी कीमतें 65 रुपये के करीब बताई जा रही हैं।
सटोरियों और जमाखोरी का आरोप
व्यापारियों का कहना है कि वास्तविक आपूर्ति और मांग के बीच बड़ा अंतर नहीं होने के बावजूद कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि कुछ सटोरिए और बड़े कारोबारी बड़ी मात्रा में स्टॉक रोककर बाजार में कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं। इससे ईमानदार छोटे व्यापारी भी परेशान हैं, क्योंकि रोज बदलते भाव से स्टॉक खरीदना और उपभोक्ताओं को उचित दर पर बेचना मुश्किल हो गया है।
विशेषज्ञों ने सरकार से मिलों, थोक मंडियों और बड़े स्टॉकिस्टों के पास मौजूद माल की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि स्टॉक की नियमित निगरानी से जमाखोरी और अटकलबाजी पर अंकुश लगाया जा सकता है।
कीमत बढ़ने के संभावित कारण
बाजार जानकारों के अनुसार, प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में उत्पादन प्रभावित होना, गन्ने का एक हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में जाना, मौसम की अनियमितता और त्योहारी मांग बढ़ने से पहले पर्याप्त स्टॉक न आना जैसी वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं। नई फसल आने में अभी समय है, इसलिए मौजूदा स्टॉक पर दबाव बढ़ गया है।
सरकार के कदम और आगे की आशंका
केंद्र सरकार ने पहले ही डीलरों पर स्टॉक रखने की सीमा तय की है और आयात बढ़ाने जैसे उपाय किए हैं। फिर भी स्थानीय स्तर पर कीमतें नियंत्रण में नहीं आ पा रही हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर सितंबर में त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ मांग और बढ़ी तो शक्कर 75 रुपये किलो के स्तर तक भी जा सकती है।
उपभोक्ता अब पहले की तुलना में कम मात्रा में शक्कर खरीद रहे हैं। जो पहले 10 किलो लेते थे, वे अब 5 किलो या उससे कम में काम चला रहे हैं। रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, करवाचौथ और दीपावली जैसे त्योहारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने वाली है, इसलिए कीमतों पर और दबाव पड़ने की आशंका बनी हुई है।