मुख्यमंत्री दो रिजाइन’ के नारे के साथ पटना में शिक्षक-कर्मचारी सड़क पर, 50 से ज़्यादा गिरफ्तार

शनिवार को बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से आए शिक्षकों तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जेडी वीमेंस कॉलेज से लोकभवन की ओर निकलने वाले इस मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘एक जीरा दो अजवाइन, मुख्यमंत्री दो रिजाइन’ जैसे नारे लगाए। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में यह प्रदर्शन आयोजित हुआ। जेडी वीमेंस कॉलेज से दोपहर के आसपास मार्च शुरू होने वाला था। कॉलेज गेट से बाहर निकलते ही पुलिस ने रास्ता रोक दिया। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनातनी और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों को बसों में बैठाकर हिरासत में ले लिया। कुछ महिला शिक्षिकाएं पुलिस मुख्यालय के बाहर बैठकर विरोध जताती रहीं, जिन्हें भी बाद में हिरासत में लिया गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार पचास से अधिक लोग डिटेन किए गए।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नया अधिनियम विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर कुठाराघात करेगा और सरकारी नियंत्रण बढ़ाएगा। वे 1976 के पुराने अधिनियम को बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। साथ ही माता सीता महिला विश्वविद्यालय और रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय के गठन के नाम पर महिला कॉलेजों व अन्य महाविद्यालयों को जबरन शामिल करने का भी विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ये बदलाव बिना पर्याप्त चर्चा के थोपे जा रहे हैं।

संघर्ष मोर्चा ने पहले से ही चरणबद्ध आंदोलन की योजना बनाई हुई है। इसके तहत 16 अक्टूबर तक शिक्षक-कर्मचारी काला बिल्ला पहनकर काम करेंगे और रोज दोपहर दो से ढाई बजे तक अपने-अपने संस्थानों के मुख्य द्वार पर मानव शृंखला बनाकर शांतिपूर्ण विरोध जताएंगे। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने का इरादा था, लेकिन पुलिस ने मार्च को आगे नहीं बढ़ने दिया।

पटना समेत राज्य के कई विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। महिला प्रोफेसरों ने भी सक्रिय भाग लिया और पुराने अधिनियम में बने रहने की बात कही। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए कार्रवाई की, जबकि प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने का दावा किया।