नई दिल्ली: हिरासत के बावजूद CJP का आंदोलन जारी रखने का ऐलान 

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया है।

सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के सिलसिले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद दीपके ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या राष्ट्रीय ध्वज फहराना भी अब अपराध बन गया है? उनके अनुसार, विरोध की आवाज दबाने के लिए सरकारी शक्तियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

बुधवार को दीपके ने साफ किया कि सीजेपी किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं बनेगी और स्वतंत्र प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करती रहेगी। उन्होंने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी और विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के आंदोलन का उद्देश्य एक जैसा है। दोनों कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर विरोध जता रहे हैं।

दीपके का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनावों में कथित गड़बड़ियों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में बनाए रखने में मदद कर रहे हैं। ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से साबित नहीं हुए हैं।

सीजेपी संयोजक ने अपने नेताओं की हिरासत को लेकर कहा कि अगर विरोध दबाने का ही मकसद है तो आपातकाल घोषित करने की हिम्मत दिखानी चाहिए। उन्होंने पार्टी को राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत कराने संबंधी खबरों को भी खारिज कर दिया।