बिहार में दर्दनाक हादसा: गंगा में डूबी नाव, एक परिवार की 7 बच्चियां समेत 13 मासूमों की मौत

बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात गंगा नदी की एक छोटी धारा में निजी नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में अधिकतर लड़कियां हैं और सभी की आयु 15 वर्ष या उससे कम बताई जा रही है। सबसे दुखद पहलू यह है कि एक ही परिवार की सात बच्चियां इस हादसे में काल के गाल में समा गईं।

घटना रामपुर श्यामचंद पंचायत के पास हुई। बच्चे और कुछ अन्य ग्रामीण पड़ोसी गांव में श्राद्ध भोज में शामिल होने के लिए नाव पर सवार हुए थे। भोज भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के समीप एक परिवार के घर पर आयोजित था। लगभग 15 से 25 यात्री छोटी नाव में बैठे थे। कुछ दूरी तय करते ही नाव में पानी भरने लगा। नाव जर्जर हालत में थी और उसमें पहले से छेद तथा दरार मौजूद थे। ओवरलोडिंग के कारण स्थिति बिगड़ी और नाव बीच धारा में पलट गई।

जिला प्रशासन के अनुसार अब तक 13 शव बरामद हो चुके हैं। सात लोगों को जीवित निकालकर पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय गोताखोरों ने पूरे रात बचाव अभियान चलाया। क्षतिग्रस्त नाव को बुधवार सुबह नदी से बाहर निकाल लिया गया।

मृतकों में रामप्रवेश राय के परिवार से सात, राजकिशोर राय के परिवार से पांच तथा डोमन राय की एक बच्ची शामिल हैं। गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है। कई घरों में चूल्हे नहीं जले।

साहस की मिसाल बनीं 15 वर्षीय चांदनी

हादसे के दौरान नाव पर सवार 15 साल की चांदनी कुमारी ने अपनी बहादुरी से दो छोटी जिंदगियां बचा लीं। उन्होंने अपने दो भतीजों को डूबते हुए देखा। तुरंत उनका हाथ पकड़कर करीब 30 मीटर तक तैरते हुए किनारे तक पहुंचाया। इसके बाद वे लगभग एक घंटे तक पानी में ही रहीं ताकि और लोगों को मदद मिल सके। चांदनी को भी बाद में अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी अपनी बहन इसी हादसे में मारी गईं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता घोषित की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रत्येक मृतक परिवार को चार लाख रुपये देने का ऐलान किया। जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि नाव के मालिक और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।