ग्वालियर के उपनगर घासमंडी क्षेत्र में गुंडा रिंकू कमरिया और उसके साथियों ने रविवार रात देर से अचानक हमला बोल दिया। गैंग ने लगातार 15 मिनट तक फायरिंग की, जिसमें 35 से 40 राउंड दागे गए। निशाना हवलदार के पुत्र और उसके दोस्त पर था। दोनों युवकों को पैर में गोली लगी, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना से पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है। विवाद की जड़ जमीन से जुड़ा पुराना रंजिश बताया जा रहा है।
घायलों की पहचान हाकिम सिंह गौड़ और विजय प्रताप बघेल के रूप में हुई है। इनके मुताबिक, रिंकू कमरिया, अन्नी कमरिया, छोटू कमरिया, चेतन पंडित और उनके अन्य साथी शामिल थे। एक को जांघ में और दूसरे को पिंडली में चोट आई।
क्राइम ब्रांच की निष्क्रियता पर उंगली
क्राइम ब्रांच की जिम्मेदारी अपराधियों पर नजर रखना है, लेकिन यह गैंग बेखौफ घूम रही थी। किसी को कोई आशंका तक नहीं हुई।
कानून-व्यवस्था की खुली पोल
वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। अपराधियों का हौसला इतना बुलंद है कि वे खुले आम हथियार लहरा रहे हैं। हर महीने होने वाली कॉम्बिंग और गश्त के बावजूद इन गुंडों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही इलाका पहले भी रिंकू की गोलीबारी का गवाह रह चुका है।
जमानत मिलने के बाद पुलिस ने इनकी जमानत रद्द कराने की कोई कोशिश क्यों नहीं की? ग्वालियर में हथियार लाइसेंस पर अनौपचारिक पाबंदी है, फिर इनके पास इतने हथियार और गोलियां कहां से आईं? पुलिस की निगरानी यहां भी नाकाम साबित हुई है।