नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण का संकट एक बार फिर गहरा गया है। मौसम में आए बदलाव और पराली जलाने की घटनाओं के बीच, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) दोबारा ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में पहुँच गया है, जिससे स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अधिकारियों की चिंताएँ बढ़ गई हैं।
वर्तमान स्थिति और प्रमुख कारण
- AQI स्तर: आज (सोमवार, 3 नवंबर 2025) सुबह कई निगरानी स्टेशनों पर AQI का स्तर 300 से 400 के बीच दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी को दर्शाता है। यह स्थिति श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों और बच्चों के लिए विशेष रूप से खतरनाक है।
- पड़ोसी राज्यों का योगदान: प्रदूषण बढ़ने का एक मुख्य कारण पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की बढ़ती घटनाएँ हैं। इन क्षेत्रों से आने वाला धुआँ दिल्ली की शांत और ठंडी हवा के साथ मिलकर शहर के वातावरण में छा जाता है।
- स्थानीय कारक: मौसम ठंडा होने के कारण हवा की गति धीमी हो गई है, जिससे धूल, वाहनों का उत्सर्जन, और औद्योगिक प्रदूषण जैसे स्थानीय प्रदूषक तत्व सतह के करीब जमा हो जाते हैं और कोहरे (Smog) का निर्माण करते हैं।
स्वास्थ्य पर खतरा
‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता का मतलब है कि लंबे समय तक इस हवा में सांस लेने से लोगों को सांस की समस्याएँ हो सकती हैं। यह स्थिति अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और हृदय रोगों से पीड़ित लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
सरकारी कार्रवाई और दिशा-निर्देश
दिल्ली सरकार और केंद्र की वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन कदम उठाने शुरू कर दिए हैं:
- ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP): शहर में GRAP का चरण II या चरण III लागू किया जा सकता है, जिसके तहत निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, ईंट भट्ठों को बंद करने और डीजल जनरेटर के उपयोग को सीमित करने जैसे उपाय शामिल हैं।
- सार्वजनिक सलाह: निवासियों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और शाम के समय बाहर निकलने से बचें, N95 मास्क का उपयोग करें, और अपने घरों के भीतर एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- वाहन नियंत्रण: यदि स्थिति बिगड़ती है, तो ऑड-ईवन योजना जैसे कड़े कदम फिर से लागू किए जा सकते हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें ताकि प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिल सके।