15 लाख के कार लोन पर देना होगा सिर्फ 4% ब्याज
भोपाल: मध्यप्रदेश के किसी विधायक द्वारा राज्य सरकार के ब्याज अनुदान योजना का लाभ उठाकर लिया गया वाहन क्षतिग्रस्त हो जाता है तो वह अब तत्काल दूसरा वाहन ब्याज अनुदान पर ले सकेंगे लेकिन इसमें उन्हें पूर्व में जितनी अवधि तक ब्याज अनुदान का लाभ ले लिया है बाकी शेष अवधि के लिए ही ब्याज अनुदान मिलेगा। संसदीय कार्य विभाग ने विधानसभा सचिवालय को नये प्रावधान की जानकारी भेजते हुए विधायकों से इसके लिए आवेदन आमंत्रित करने को कहा है।
राज्य सरकार अभी विधायकों को पांच साल की अवधि के लिए वाहन खरीदने पर ब्याज अनुदान देती है। तीस लाख रुपए तक के वाहन ऋण पर राज्य सरकार की ओर से विधायकों को ब्याज अनुदान का लाभ दिया जाता है। यदि ब्याज अनुदान योजना का लाभ लेकर विधायक ने कोई वाहन खरीदा है और वह क्षतिग्रस्त हो गया है या अनुपयोगी हो गया है और ब्याज अनुदान की अवधि समाप्त नहीं हुई है तो विधायक ब्याज अनुदान की बाकी अवधि में दूसरा नया वाहन खरीद सकता है और इस पर भी बाकी अवधि के लिए ब्याज अनुदान की भरपाई राज्य सरकार करेगी। लेकिन इसके लिए विधायक को पूर्व में लिए गए वाहन ऋण की शेष राशि को ब्याज सहित भुगतान बैंक को करना होगा। इसके बाद वह दूसरे वाहन की खरीदी के लिए अनुदान की शेष अवधि के लिए कर्ज ले सकेंगे।
इस योजना में पंद्रह लाख रुपए तक के वाहन ऋण पर चार प्रतिशत ब्याज राशि विधायक वहन करेगा शेष ब्याज की राशि शासन अनुदान के रुप में देगा। पंद्रह लाख से अधिक तीस लाख तक वाहन ऋण पर दो प्रतिशत ब्याज अनुदान शासन द्वारा अनुदान के रुप में दिया जाएगा। ब्याज अनुदान का लाभ केवल पांच वर्षों तक ही दिया जाएगा।
संसदीय कार्य विभाग की सूचना आने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सभी विधायकों को नये प्रावधान की सूचना देते हुए जरुरत के मुताबिक दूसरे वाहन के लिए वाहन ऋण लेने और ब्याज अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने को कहा है।