रिटायर्ड DSP से 2.33 लाख की साइबर ठगी, झारखंड से आरोपी गिरफ्तार

इंदौर: आजाद नगर इलाके में एक सेवानिवृत्त डीएसपी को ठगी का शिकार बनाया गया। हैकर्स ने फोन करके खुद को ट्रेजरी अधिकारी बताते हुए उनके खाते से 2 लाख 33 हजार रुपये उड़ा लिए। इस मामले में पुलिस ने गैंग के एक सदस्य प्रशांत कुमार मंडल (झारखंड के ग्राम घोर्मारा का निवासी) को गिरफ्तार कर लिया है।

टीआई लोकेश सिंह भदौरिया के अनुसार, पालदा (पवनपुरी) निवासी रिटायर्ड डीएसपी ध्यानूराव बच्चन (65) के साथ 13 अक्टूबर को यह धोखाधड़ी हुई। साइबर ठग ने कॉल करके खुद को भोपाल ट्रेजरी कार्यालय में तैनात अधिकारी डीके तिवारी बताया। पेंशन मामले का हवाला देकर उसने आधार, पैन कार्ड और अन्य विवरण हासिल कर लिए। व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा और एरियर दिलाने के बहाने फर्जी ऐप डलवाकर दो लाख से अधिक की रकम निकाल ली। दो दिन पहले आजाद नगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।

जांच के दौरान पता चला कि इसी तरीके से अन्य सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को भी निशाना बनाया गया। भोपाल क्राइम ब्रांच की पड़ताल में आरोपी प्रशांत कुमार (पिता झारखंडी मंडल, 32) को रांची के सदर थाना क्षेत्र स्थित अपूर्वा अपार्टमेंट से पकड़ा गया। मूल रूप से देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम घोमारज़ का रहने वाला यह शख्स पूछताछ में इंदौर के रिटायर्ड डीएसपी से ठगी कबूल चुका है। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही आजाद नगर पुलिस भोपाल पहुंची और रिमांड पर चल रहे आरोपी को अपने कब्जे में ले लिया। अब उसे प्रोडक्शन वारंट पर इंदौर लाकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

एमपी सरकार का लोगो लगा था डीपी पर

पीड़ित बच्चन ने बताया, “आरोपी की प्रोफाइल फोटो पर मध्यप्रदेश शासन का लोगो लगा था। उसने सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस, नई दिल्ली की वेबसाइट का लिंक भेजा। मैंने इसे असली समझकर क्लिक किया और सारी जानकारी डाल दी। 16 अक्टूबर शाम को बैंक से दो मैसेज आए।”