गाजीपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें दहेज हत्या की शिकार बताई गई युवती मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अपने प्रेमी के साथ जीवित पाई गई। जांच के दौरान दहेज हत्या का सारा आरोप झूठा साबित हुआ।
यह घटना सादात थाना क्षेत्र के बरहपार भोजूराय गांव की है। साल 2023 में राजवंती देवी ने अपनी पुत्री रुचि का विवाह खानपुर थाना क्षेत्र के हथौड़ा निवासी राजेंद्र यादव से कराया था। पिछले 3 अक्टूबर को राजवंती देवी ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर दावा किया था कि उनकी बेटी को मारकर उसका शव गायब कर दिया गया है। इस शिकायत पर पुलिस ने पति राजेंद्र, सास कमली देवी समेत ससुराल के छह लोगों के विरुद्ध दहेज हत्या, लाश छिपाने और अन्य आरोपों में केस दर्ज किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सैदपुर के सीओ रामकृष्ण तिवारी ने जांच की कमान संभाली। सर्विलांस की सहायता से रुचि की स्थिति का पता लगाया गया, जिससे खुलासा हुआ कि वह ग्वालियर में अपने प्रेमी गजेंद्र यादव के साथ रह रही है।
7 अक्टूबर को पुलिस दल ग्वालियर पहुंचा और युवती को बरामद कर गाजीपुर लाया। पूछताछ में रुचि ने खुलासा किया कि उसकी शादी जबरन कराई गई थी। वह दसवीं कक्षा से ही रेवई गांव के गजेंद्र से प्यार करती थी और मौका पाकर उसके साथ भाग गई तथा दूसरा विवाह कर लिया। सीओ सैदपुर रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि जांच में दहेज हत्या का दावा पूरी तरह झूठा और आधारहीन निकला। युवती को ग्वालियर से सकुशल बरामद किया गया है। फर्जी मुकदमा चलाने वालों के खिलाफ अब कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
रुचि के पूर्व पति राजेंद्र राम ने बताया, “हम बेकसूर हैं, हमें जानबूझकर फंसाया गया। जून 2023 में शादी हुई, लेकिन पत्नी कभी हमारे साथ नहीं रही, हमेशा विवाद करती थी। उसके परिजन जानते थे कि वह किसी और से प्रेम करती है, फिर भी हमें बदनाम किया। जून में विदाई के लिए गए तो पता चला कि वह घर पर नहीं है।
हमने सादात थाने की भीमापार चौकी में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उल्टे राजवंती देवी और उसके परिवार ने हमारे खिलाफ झूठा दहेज हत्या का मुकदमा ठोंक दिया। अब पुलिस ने सच सामने लाया है, हम उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं जिन्होंने हमें परेशान किया।”
राजेंद्र की मां कमली देवी ने कहा, “बहू का कहीं और संबंध था। शादी के बाद घर में कलह मचाती और मायके चली जाती। झूठे आरोप लगाकर हमें तंग किया गया। पुलिस ने सच्चाई उजागर कर सराहनीय काम किया। अब हम शिकायत करेंगे कि फर्जी केस कराने वालों पर कड़ी सजा हो और हमारा दिया हुआ गहना-धन वापस दिलाया जाए।”
फिलहाल पुलिस ने युवती का मेडिकल कराने के बाद उसे अदालत में पेश किया है। अधिकारियों के मुताबिक, झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी है। अब यह देखना बाकी है कि जीवित मिली ‘मृतका’ के बाद पुलिस फर्जी आरोप लगाने वालों के खिलाफ क्या कदम उठाती है।