गैंगस्टर सलमान लाला को निर्दोष ठहराने वाले अभिनेता एजाज खान से क्राइम ब्रांच ने शनिवार को करीब दो घंटे पूछताछ की। एजाज ने अपना पक्ष रखते हुए गैंगस्टर के परिजनों द्वारा गुमराह किए जाने का हवाला दिया। अधिकारियों ने उन्हें नोटिस थमाकर रिहा कर दिया, लेकिन उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया। पूछताछ के समय एजाज आरोपी की तरह हाथ जोड़कर खड़े रहे।
अतिरिक्त डीसीपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया के मुताबिक, एजाज ने बताया कि सलमान लाला के परिवार वालों की बातों में आकर उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान पोस्ट कर दिया था। एफआईआर होने के बाद वीडियो हटा दिया और माफी भी मांग ली। इस पर एडीसीपी ने डांटते हुए कहा कि भ्रामक सूचना फैलाने या लाइक करने पर भी पुलिस मुकदमा दर्ज करती है।
पहले कहा था- समंदर में तैरने वाला तालाब में डूबकर नहीं मरता
सलमान लाला की मौत सीहोर के एक तालाब में डूबने से हुई थी। वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उसकी मौत पर संदेह जताते हुए एजाज ने वीडियो में दावा किया कि सलमान अच्छा तैराक था। समंदर में तैरने वाले तालाब में डूबकर नहीं मरते। अपराध यह नहीं कि वह गैंगस्टर था, बल्कि अपराध यह था कि वह मुस्लिम था। इसलिए उसे जानबूझकर मार डाला गया।
पुलिस ने एक मुस्लिम युवक की शिकायत पर एजाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। उन पर सलमान के समर्थकों, मुस्लिमों और अन्य समुदायों के बीच नफरत व दुश्मनी की भावना भड़काने का इल्जाम लगाया गया। एडीसीपी के अनुसार, एजाज ने इस हरकत के लिए माफी मांग ली है। जांच के दौरान एजाज आरोपी की तरह हाथ बांधे खड़े नजर आए।