भोपाल पुलिस ने सुदामा नगर कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती की गोली मारकर की गई हत्या के मामले को लगभग 20 दिनों बाद सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों श्रीकांत चिंचलिया (40) और शशिकांत चिंचलिया (35) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों प्रॉपर्टी डीलर हैं।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि आरोपियों ने पहले धोखे से दंपती के नाम का गिफ्ट डीड (दानपत्र) अपने पक्ष में तैयार करा लिया था। इसके बाद पूरी संपत्ति हड़पने के लिए उन्होंने हत्या की साजिश रची। हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक फिलेमोन की हत्या का यही मकसद था।
गहन जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
विशेष जांच दल (SIT) ने इस मामले में 20 से ज्यादा पुलिस टीमों को लगाया था। टीम ने 1,500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की, 100 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की और मोबाइल कॉल डिटेल्स, लोकेशन तथा अन्य डिजिटल व वैज्ञानिक सबूत जुटाए। आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
पुलिस के अनुसार, दोनों भाई लंबे समय से मृतक दंपती के विश्वासपात्र बने हुए थे और उनकी संपत्तियों की खरीद-बिक्री का काम संभालते थे। कुछ समय पहले उन्होंने इटारसी में दंपती का एक प्लॉट बेचा था। इसी दौरान दस्तावेजों में चालाकी से दानपत्र तैयार करा लिया गया, जिसमें लिखा था कि दंपती की मृत्यु के बाद सुदामा नगर की करोड़ों रुपये की संपत्ति इन दोनों भाइयों को दान कर दी जाएगी।
मकान बिकने की खबर से बदली साजिश
आरोपियों को उम्मीद थी कि दंपती के स्वाभाविक निधन के बाद संपत्ति उनके नाम हो जाएगी। लेकिन जब बुजुर्ग दंपती ने अचानक सुदामा नगर का मकान बेचने का फैसला किया और सौदा लगभग पक्का हो गया, तो उनकी योजना बिगड़ गई। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मकान बिक जाने पर दानपत्र बेकार हो जाता, इसलिए लालच और घबराहट में दोनों ने गोली मारकर हत्या करने की साजिश रच ली।
रिश्तेदार पर भी शक
पुलिस जांच अब परिवार तक भी पहुंच गई है। मृतका शकुंतला की करीबी रिश्तेदार शिवानी बारीक की भूमिका की जांच की जा रही है। शिवानी पर बैंक व निजी स्रोतों से 20 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज था। हत्या से कुछ दिन पहले उनके खाते में 6 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। शिवानी दोनों आरोपियों के लगातार संपर्क में भी थी। पुलिस इन वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।