राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश का कहर, सड़कें-कॉलोनियां जलमग्न

देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता जारी है। राजस्थान के जयपुर और आसपास के शहरों में मूसलाधार बारिश के कारण कॉलोनियां व सड़कें पानी में डूब गईं। मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी का पानी पुलों के ऊपर बहने लगा, जबकि दिल्ली में महज आठ दिनों में पूरे अगस्त महीने की औसत बारिश लगभग पूरी हो चुकी है। इन हालात से आमजन की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है।

दिल्ली में लगातार बारिश के कारण अगस्त के शुरुआती आठ दिनों में ही सफदरजंग केंद्र पर करीब 225 से 230 मिलीमीटर पानी गिर चुका है। यह आंकड़ा पूरे महीने के औसत 233 मिलीमीटर के लगभग बराबर है। एक दिन में ही करीब 99 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों में अगस्त के सबसे अधिक वर्षा वाले दिनों में शामिल है। कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी हो गईं। कालिंदी कुंज, आईटीओ और अन्य प्रमुख मार्गों पर भारी जाम व जलभराव की स्थिति बनी रही।

मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में पिछले कुछ दिनों की लगातार बारिश से नर्मदा का जलस्तर तेजी से बढ़ा। नदी पर बने दोनों पुल पानी में डूब गए। पुल के ऊपर से तेज बहाव के साथ पानी गुजर रहा है। स्थानीय प्रशासन व पुलिस ने तुरंत बैरिकेड लगाकर आवागमन बंद कर दिया। इससे डिंडोरी का जबलपुर से सड़क संपर्क पूरी तरह कट गया। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

राजस्थान में भी स्थिति चिंताजनक है। जयपुर में सुबह से बारिश होने के कारण सिरसी रोड, वैशाली नगर, सांगानेर, गोपालपुरा और कई अन्य इलाकों में सड़कें पानी से भर गईं। प्रशासन ने मडपंप लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया। भरतपुर, धौलपुर और अलवर जैसे जिलों में भी कॉलोनियों व बाजारों में जलभराव हो गया। धौलपुर के राजाखेड़ा क्षेत्र में कई सड़कें पूरी तरह डूबी हुई हैं। पार्वती नदी उफान पर बह रही है। कई जगह स्कूल बंद रखे गए हैं।