झारखंड विधानसभा परिसर के बाहर सोमवार सुबह एक बड़ा छात्र आंदोलन देखने को मिला। जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पानी की तेज धार में ही डांस करना शुरू कर दिया। कई छात्र कंटीले तार लगी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। नौ दिनों से अनशन पर बैठे देवेंद्रनाथ महतो भी इस मार्च में शामिल हुए।
प्रदर्शन सुबह मोरहाबादी मैदान से शुरू हुआ। हजारों अभ्यर्थी विभिन्न जिलों से रांची पहुंचकर विधानसभा की ओर बढ़े। प्रशासन ने पहले से ही कई परतों वाली सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी। कंटीले तार वाली बैरिकेडिंग लगाई गई थी और धारा 163 लागू की गई थी। इसके बावजूद छात्र आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे। जब पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पानी की बौछारें छोड़ीं, तो अभ्यर्थी भागने के बजाय उसी पानी में गमछे लहराते हुए झूमने लगे। कुछ युवा बैरिकेडिंग पर चढ़कर विरोध जताते दिखे।
अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो कमजोर हालत में एंबुलेंस से मौके पर पहुंचे। वे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा से जुड़े हैं और 2 अगस्त से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने शिबू सोरेन की तस्वीर भी साथ रखी थी। महतो ने कहा कि सरकार की सुरक्षा व्यवस्था ने तनाव बढ़ाया है और मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
छात्रों की प्रमुख मांगें हैं, विवादित परीक्षाओं (खासकर 14वीं जेपीएससी) को रद्द करना, पूरे मामले की सीबीआई जांच कराना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना। आंदोलन करीब ढाई हफ्ते से चल रहा है। सरकार का कहना है कि ज्यादातर मांगें स्वीकार कर ली गई हैं, लेकिन छात्र मुख्य बिंदुओं पर सहमति न बनने का आरोप लगा रहे हैं।