प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात: मीराबाई के आंसुओं पर भावुक टिप्पणी, नरेंद्र नाम का किस्सा सुनाया तो हंसे पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने आवास पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के भारतीय पदक विजेताओं से संवाद किया। इस मुलाकात में वेटलिफ्टर मीराबाई चानू के भावुक क्षणों का जिक्र और बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल द्वारा सुनाया गया पुराना किस्सा खास रहा। दोनों बातें पूरे कार्यक्रम का आकर्षण बनीं।

मीराबाई चानू ने 48 किग्रा भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता था। पोडियम पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान बजने के समय उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े थे। प्रधानमंत्री ने इस दृश्य को याद करते हुए कहा कि उनके आंसू देखकर ऐसा महसूस हो रहा था मानो हर बूंद से सोने का पदक टपक रहा हो। मीराबाई ने बताया कि पेरिस ओलंपिक में पदक से चूकने का गम, लगातार चोटें और पारिवारिक कठिनाइयों के चार लंबे साल के बाद यह जीत उनके लिए बहुत भावुक करने वाली थी। तिरंगे को ऊपर उठते देख वे खुद को रोक नहीं पाईं। प्रधानमंत्री ने उनकी सफलता को सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

उसी कार्यक्रम में हेवीवेट श्रेणी के सिल्वर मेडलिस्ट बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने एक पुरानी याद साझा की। उन्होंने 2015 वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स की बात बताई, जब उनकी पहली मुकाबला पाकिस्तानी खिलाड़ी से हुआ था। सेना के अधिकारियों ने जोर दिया था कि पाकिस्तान से हारना नहीं है। नरेंद्र ने मुकाबला जीत लिया, लेकिन दोनों खिलाड़ियों के चेहरे पर चोट लग गई और टांके लगवाने अस्पताल जाना पड़ा। वहां पाकिस्तानी बॉक्सर ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनका नाम नरेंद्र है, उनके कोच का नाम भी नरेंद्र है और प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है। इसलिए उन्हें ‘नरेंद्र’ नाम से नफरत हो गई है। इस किस्से को सुनकर प्रधानमंत्री मोदी जोर से हंस पड़े और माहौल हल्का हो गया।