मानसून का कहर: एमपी में बाढ़ जैसे हालात, राजस्थान की टनल बनी तालाब 

देश के कई राज्यों में सक्रिय मानसून ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के काशी क्षेत्र में गंभीर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा कर दी हैं। लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है और प्रशासन ने राहत-बचाव के काम तेज कर दिए हैं।

मध्य प्रदेश में तीन दिन से जारी बारिश

मध्य प्रदेश में पिछले करीब तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राज्य आपदा बल, होम गार्ड और स्थानीय पुलिस की टीमें अब तक 527 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल चुकी हैं।

भोपाल में करीब 200 घरों में पानी घुस गया। कई सड़कें जलमग्न हो गईं। नर्मदा नदी का जलस्तर पिछले 48 घंटों में लगभग 10 फीट बढ़ गया। राजगढ़, रायसेन, सीहोर, विदिशा और मंडला जैसे जिलों में नदियां व नाले उफान पर हैं। भोपाल और गुना में स्कूल बंद रखे गए हैं। इंदौर संभाग के पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। मुख्यमंत्री ने स्थिति की समीक्षा कर राहत कार्यों में तेजी के निर्देश दिए हैं।

राजस्थान की मुकुंदरा टनल में पानी

कोटा क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बनी मुकुंदरा टनल (लगभग 1100 करोड़ रुपये की लागत वाली 8-लेन सुरंग) में भारी बारिश के कारण पहाड़ों से पानी रिसकर अंदर भर गया। टनल में दो-तीन फीट तक पानी जमा होने से वाहनों के पहिए डूब गए और यातायात धीमा पड़ गया। टनल के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे जाम की स्थिति पैदा हो गई। अधिकारियों के अनुसार पंपों की क्षमता कम होने से पानी निकालने में देरी हो रही है। पानी निकासी का कार्य जारी है।

काशी में गंगा का बढ़ता जलस्तर

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। घाटों के किनारे बने 100 से अधिक छोटे मंदिर पानी में डूब चुके हैं। कई घाटों के बीच संपर्क मार्ग टूट गए हैं। हरिश्चंद्र, मणिकर्णिका और शीतला घाट समेत कई स्थानों पर सीढ़ियां व मंदिर जलमग्न हो गए हैं। रत्नेश्वर महादेव मंदिर भी पानी में समा गया। शवदाह स्थल प्रभावित होने से अंतिम संस्कार में कठिनाई हो रही है। एनडीआरएफ और जल पुलिस घाटों पर निगरानी रखे हुए हैं। नाव संचालन पर पाबंदी लगाई गई है।