जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में चल रहा छात्र आंदोलन गुरुवार को अपने 20वें दिन में पहुंच गया। प्रदर्शनकारियों का केंद्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम बना हुआ है।
10 अगस्त को विधानसभा की ओर निकाले गए मार्च के दौरान हुई झड़प और हंगामे को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। करीब 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कुछ रिपोर्टों में 100 नामजद लोगों सहित कुल लगभग 600 लोगों का जिक्र है। रांची के एसएसपी ने स्पष्ट किया कि नामजद किसी व्यक्ति के खिलाफ केस नहीं है, बल्कि हिंसा में शामिल अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई है।
छात्रों की प्रमुख मांगें हैं, विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और पूरे मामले की जांच सीबीआई या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से कराना। सरकार का कहना है कि ज्यादातर मांगें स्वीकार कर ली गई हैं, जिसमें 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने का आश्वासन भी शामिल है। लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच जैसे मुद्दों पर अभी सहमति नहीं बनी है।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के अंदर सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी गई तो वे खुद भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार परीक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है और संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहती है। दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन गतिरोध बना हुआ है।